Posts Tagged With: मृत्यु
ज़िंदगी की शाम
कुछ सप्ताह पहले मुझे अपने फूफाजी के गुज़र जाने का दुखद समाचार मिला. उससे पहले मेरे पिताजी के एकमात्र चचेरे भाई चल बसे. बीते कुछ सालों में मेरा परिवार कितना सिकुड़ गया! कई दफा ऐसा भी हुआ कि परिवार में जिन्हें कम दिनों का मेहमान मानते थे वे बने रहे और भले-चंगे संबंधी चल बसे. इसे विधि [...]
जब मैं ज़िंदगी से हार बैठा
मेरे इंटरनेटी मित्र स्टीवन ऐचिंसन अपने ब्लॉग में आत्मविकास और प्रेरणा पर चार सौ से भी अधिक पोस्टें लिख चुके हैं. नीचे उनकी एक पोस्ट का अनुवाद दिया गया है जिसमें उन्होंने बताया है कि अवसाद के किन क्षणों में उन्होंने खुद को बस खो ही दिया होता: मुझे नहीं पता कि मैं अपने जीवन की यह नितांत निजी कथा [...]

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