Tag Archives: न्याय

खोटा सिक्का

यह एक सूफी कथा है. किसी गाँव में एक बहुत सरल स्वभाव का आदमी रहता था. वह लोगों को छोटी-मोटी चीज़ें बेचता था. उस गाँव के सभी निवासी यह समझते थे कि उसमें निर्णय करने, परखने और आंकने की क्षमता … Continue reading

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श्रीराम के दरबार में कुत्ता

एक दिन एक कुत्ता श्रीराम के दरबार में आया और उसने प्रभु से शिकायत की – “राजन, कितने दुख की बात है कि जिस राज्य की कीर्ति चहुंओर रामराज्य के रूप में फैली हुई है वहीं लोग हिंसा और अन्याय … Continue reading

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नकली ख़लीफा का न्याय

बग़दाद के ख़लीफा हारून-अल-रशीद अपनी न्यायप्रियता के लिए प्रसिद्द थे. दूर-दूर के देशों तक उनकी ख्याति थी. वे रात को वेश बदलकर नगर में घूमते थे ताकि जनता के दुःख-दर्द का पता लगा सकें. उसी नगर में अली ख्वाज़ा नाम … Continue reading

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लाओ-त्ज़ु का न्याय

अपनी बुद्धिमत्ता के कारण लाओ-त्ज़ु बहुत प्रसिद्द हो गया था और निस्संदेह वह सबसे बुद्धिमान व्यक्ति था. चीन के राजा ने लाओ-त्ज़ु से अपने न्यायालय का प्रधान न्यायाधीश बनने का अनुरोध किया और कहा – “सम्पूर्ण विश्व में आप जितना … Continue reading

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Imprisoning The Buddha – बुद्ध-प्रतिमा को बंदी बनाना

एक व्यापारी कपड़े के 50 थान लेकर दूसरे नगर में बेचने जा रहा था। मार्ग में एक स्थान पर वह सुस्ताने के लिए एक पेड़ के नीचे बैठ गया। वहीं पेड़ की छांव में भगवान बुद्ध की एक प्रतिमा भी … Continue reading

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