Posts Tagged With: ज्ञान
शून्य के लिए ही मेरा आमंत्रण
एक साधु ने अपने आश्रम के अंत:वासियों को जगत के विराट विद्यालय में अध्ययन के लिए यात्रा को भेजा था. समय पूरा होने पर उनमें से एक को छोड़कर अन्य वापस लौट आये थे. उनके ज्ञानार्जन और उपलब्धियों को देखकर गुरु बहुत प्रसन्न हुआ. वे बहुत कुछ सीख कर वापस लौटे थे. फिर अंत में [...]

हाल की टिप्पणियाँ