Posts Tagged With: अच्छाई

मन और पत्थर

एक ज़ेन शिष्य ने गुरु से प्रश्न किया, “ज़ेन में ऐसा क्या है जो बहुत बुद्धिमान लोग भी इसे समझ नहीं पाते?” ज़ेन गुरु उठे, उन्होंने एक पत्थर उठाया और पूछा, “यदि झाड़ियों से एक शेर निकलकर हमारी ओर बढ़ने लगे और हमपर हमले के लिए तैयार हो तो क्या इस पत्थर से हमें कुछ [...]

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“अच्छा” आदमी बने रहने के खतरे

“आप बहुत अच्छे आदमी हैं” या “you are very nice”. अक्सर ही किसी से भी यह सुनकर मुझे बहुत ख़ुशी होती थी. मुझे लगता था कि यह किसी भी व्यक्ति से मिलनेवाली सबसे बढ़िया प्रशंसोक्ति है. फिर मुझे अपने और अन्य “अच्छे आदमियों” के जीवन को ध्यान से देखने पर यह अनुभव होने लगा कि [...]

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खोटा सिक्का

यह एक सूफी कथा है. किसी गाँव में एक बहुत सरल स्वभाव का आदमी रहता था. वह लोगों को छोटी-मोटी चीज़ें बेचता था. उस गाँव के सभी निवासी यह समझते थे कि उसमें निर्णय करने, परखने और आंकने की क्षमता नहीं थी. इसीलिए बहुत से लोग उससे चीज़ें खरीदकर उसे खोटे सिक्के दे दिया करते [...]

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आदर्श आचरण

सूफी गुरु इब्न-अल-हुसैन से एक शिष्य ने पूछा – “दुनिया में शांति और पवित्रता कैसे आएगी?” हुसैन ने कहा – “दमिश्क में अबू मूसा अल-कुमासी नामक एक शेख रहता था. उसके इल्म और अच्छाई की सब मिसाल देते थे लेकिन हक़ीक़त में किसी को यह पता नहीं था कि वह वाकई भला आदमी है भी [...]

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भावना

चेरनोबिल के रब्बाई नाहुम को उनका पड़ोसी दुकानदार अपशब्द आदि कहकर अपमानित करता रहता था. एक समय ऐसा आया कि दुकानदार का धंधा मंदा चलने लगा. “इसमें ज़रूर रब्बाई का हाथ है. वही ईश्वर से प्रार्थना करके अपना बदला निकाल रहा है” – उसने सोचा. फिर वह नाहुम के पास अपनी गलतियों के लिए क्षमा [...]

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