कितनी आदतें? कितने उपाय?

इंटरनेट पर व्यक्तित्व विकास के ऊपर बहुत उपयोगी लेखों की भरमार सी हो गयी है. यह स्वाभाविक है कि हर व्यक्ति अपने जीवन के किसी-न-किसी पक्ष में हमेशा ही कुछ सुधार लाना चाहता है इसलिए यहाँ ऐसे बहुत से लोग हैं जो इसकी उपयोगिता को समझते हैं और दूसरों को जाग्रत करने के लिए इसके […]

व्यक्तित्व विकास : पाठक व कर्ता में अंतर

यह पोस्ट व्यक्तित्व विकास (Personal Development) के बारे में है. इसमें यह जानने का प्रयास किया गया है कि व्यक्तित्व विकास की पुस्तकें पढ़कर या अन्य स्रोतों से इस विषय का ज्ञान लेकर कितने लोग स्वयं में अपेक्षित परिवर्तन ला पाते हैं. पोस्ट के लेखक एडुआर्ड एज़ीनु कम्युनिकेशन कोच हैं. मनोविज्ञान में स्नातक एडुआर्ड एज़ीनु […]

‘हां’ या ‘ना’

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दुनिया बहुत जटिल है और हमें चलायमान रहने के लिए अपने अनुभवों पर निर्भर रहना पड़ता है. जब हम छोटे होते हैं तो एक अनुभवजन्य नियम (heuristic) हमारे हमेशा काम आता है और वह यह है कि “अपने माता-पिता की बात मानो”. बचपन में हम ऐसा नहीं करते हैं तो नुकसान हमारा ही होता है. […]

कुछ करिए…

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स्टीवन कोवी (Steven Covey) की पुस्तक The 7 Habits of Highly Effective People में एक चित्र है जिसे मैं हमेशा ध्यान में रखता हूँ. बाईं ओर दिए चित्र को देखिये: इस चित्र में वर्तुलों द्वारा दो क्षेत्र प्रदर्शित किये गए हैं जिनपर हम अपने समय और शक्तियों को केन्द्रित करते हैं. अधिकांश लोग प्रभाव क्षेत्र […]

“अच्छा” आदमी बने रहने के खतरे

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“आप बहुत अच्छे आदमी हैं” या “you are very nice”. अक्सर ही किसी से भी यह सुनकर मुझे बहुत ख़ुशी होती थी. मुझे लगता था कि यह किसी भी व्यक्ति से मिलनेवाली सबसे बढ़िया प्रशंसोक्ति है. फिर मुझे अपने और अन्य “अच्छे आदमियों” के जीवन को ध्यान से देखने पर यह अनुभव होने लगा कि […]