कितनी ज़मीन? : How Much Land Does a Man Need?

grasslands

यह लेव तॉल्स्तॉय की प्रसिद्ध कहानी है जिसे ओशो ने अपने वचनों में अपने तरीके से कहा है: एक आदमी के घर एक संन्यासी मेहमान आया – एक परिव्राजक. रात को बातें हुईं. उस परिव्राजक ने कहा, “तुम यहाँ क्या छोटी-मोटी खेती में लगे हो. साइबेरिया में मैं यात्रा पर था तो वहाँ जमीन इतनी […]

प्रलोभन : The Temptation

शैतान के कुछ शिष्य काहिरा के नज़दीक रहनेवाले एक महात्मा को पतन के मार्ग पर लाने का भरसक प्रयास कर रहे थे. उन्होंने उसे नूबिया की हसीनाएं, मिस्र के लज़ीज़ पकवान, और लीबिया के जवाहरात का प्रलोभन देकर वश में करना चाहा पर उनकी किसी तरकीब ने काम नहीं किया. एक दिन शैतान की निगाह […]

अद्भुत पात्र

buddha heart

प्राचीन काल में एक राजा का यह नियम था कि वह अनगिनत संन्यासियों को दान देने के बाद ही भोजन ग्रहण करता था. एक दिन नियत समय से पहले ही एक संन्यासी अपना छोटा सा भिक्षापात्र लेकर द्वार पर आ खड़ा हुआ. उसने राजा से कहा – “राजन, यदि संभव हो तो मेरे इस छोटे […]

गर्म कोट

swollen river

सर्दियों के दिन थे और एक गुरु अपने तीन शिष्यों के साथ पर्वतीय घाटी से गुज़र रहे थे. बहुत तेज़ ठंड पड़ रही थी और गुरु के तीनों शिष्य अपने गुरु को लेकर चिंतित थे. वे अपने गुरु को इतनी सर्दी में मामूली सूती चादर ओढ़े ठिठुरते देखते थे पर उनमें इतना साहस नहीं था […]

सातवाँ घड़ा : The Seventh Jar

clay pot

बहुत पुरानी बात है। उत्तरी भारत में एक व्यापारी रहता था जिसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी। पहाडी पर स्थित अपने घर से वह अकेला मैदान की और नीचे शहर में जाता था और चीज़ों की खरीद-फरोख्त करता था। एक दिन उसने मार्ग में मन-बहलाव के लिए किसी और जगह जाने का सोचा और […]