कैंची और सुई : Scissors and Needle

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यह कथा महान सूफी संत फ़रीद के बारे में है. एक बार कोई राजा फ़रीद से मिलने के लिए आया और अपने साथ उपहार में सोने की एक बहुत सुंदर कैंची लाया जिसमें हीरे जड़े हुए थे. यह कैंची बेशकीमती, अनूठी और नायाब थी. राजा ने संत के पैर छुए और उन्हें वह कैंची सौंप […]

फादर कोल्बे : Sacrifice of Father Kolbe

संत मैक्सिमिलियन कोल्बे (1894-1941) पोलैंड के फ्रांसिस्कन मत के पादरी थे. नाजी हुकूमत के दौरान उन्हें जर्मनी की खुफिया पुलिस ‘गेस्टापो’ ने बंदी बना लिया. उन्हें पोलैंड के औश्वित्ज़ के यातना शिविर में भेज दिया गया. एक दिन यातना शिविर में दैनिक हाजिरी के दौरान एक बंदी कम पाया गया. अधिकारियों ने यह निष्कर्ष निकाला […]

क्या तुम मनुष्य हो?

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क्या तुम मनुष्य हो? प्रेम में तुम्हारी जितनी गहराई हो, मनुष्यता में उतनी ही ऊंचाई होगी. और परिग्रह में जितनी ऊंचाई हो, मनुष्यता में उतनी ही क्षुद्रता होगी. प्रेम और परिग्रह जीवन की दो दिशाएं हैं. प्रेम पूर्ण है, तो परिग्रह शून्य हो जाता है. और जिनके चित्त परिग्रह से घिरे रहते हैं, प्रेम वहां […]

प्रार्थना : प्रेम और समर्पण

प्रार्थना क्या है? – प्रेम और समर्पण. जहां प्रेम नहीं है, वहां प्रार्थना नहीं है. प्रेम के स्मरण में एक अद्भुत घटना का उल्लेख है. नूरी, रक्काम एवं कुछ अन्य सूफी फकीरों पर काफिर होने का आरोप लगाया गया था और उन्हें मृत्यु दण्ड दिया जा रहा था. जल्लाद जब नंगी तलवार लेकर रक्काम के […]

समर्पण

सुबह के साढ़े आठ बजे थे. अस्पताल में बहुत से मरीज़ थे. ऐसे में एक बुजुर्गवार अपने अंगूठे में लगे घाव के टाँके कटवाने के लिए बड़ी उतावली में थे. उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें ठीक नौ बजे एक बहुत ज़रूरी काम है. मैंने उनकी जांच करके उन्हें बैठने के लिए कहा. मुझे पता था […]

मुझे मेरी किडनी वापस दो!

मुझे एक बेतुके मुकदमे के बारे में पता चला जिसमें न्यूयॉर्क का एक डॉक्टर अपनी तलाकशुदा पत्नी से वह किडनी मांग रहा है जो उसने 2001 में पत्नी को दान में दी थी. अब या तो उसे वह किडनी चाहिए या उसके एवज़ में डेढ़ मिलियन डौलर की रकम चाहिए. डेली न्यूज़ की वेबसाईट में […]

प्रेम

(यह कथा ओशो ने अपने एक प्रवचन में कही है) “प्रेम क्या है?”. कल कोई पूछ रहा था. मैंने कहा – “प्रेम जो कुछ भी हो, उसे शब्दों में कहने का कोई उपाय नहीं है क्योंकि वह कोई विचार नहीं है. प्रेम तो अनुभूति है. उसमें डूबा जा सकता है पर उसे जाना नहीं जा […]

जीवन का सौंदर्य

हर दिन, हर समय… दिव्य सौंदर्य हमें घेरे हुए है. क्या आप इसका अनुभव कर पाते हैं? क्या यह आपको छू भी पाता है? हममें से बहुतेरे तो दिन-रात की आपाधापी में इसका अंशमात्र भी देख नहीं पाते. उगते हुए सूरज की अद्भुत लालिमा, बच्चे की मनभावन खिलखिलाहट, चाय के पतीले से उठती हुई महक, […]

दिल के टुकड़े : Pieces of Heart

एक नौजवान ने शहर के चौराहे पर खड़े होकर ऐलान किया कि उसका दिल पूरे मुल्क में सबसे खूबसूरत है. उसके इर्द-गिर्द भीड़ जमा हो गयी और सभीने उसके दिल को देखने के बाद हामी भरी कि उसका दिल वाकई सबसे खूबसूरत था और उसमें कहीं कोई नुस्ख नहीं था. लेकिन भीड़ के पीछे से […]

हम स्त्रियों से प्रेम क्यों करते हैं?

यह पोस्ट पाउलो कोएलो के ब्लॉग से लेकर पोस्ट की गयी है. कुछ सप्ताह पहले मैंने Why women love men पोस्ट की थी. कुछ पाठकों ने मुझसे इसपर लिखने के लिए कहा कि हम स्त्रियों से प्रेम क्यों करते हैं. मैं इसपर लिखने से बच रहा था पर एक पाठिका जूलिया ने मेरी मुश्किल आसान […]