प्रार्थना : प्रेम और समर्पण

tree of prayers

प्रार्थना क्या है? – प्रेम और समर्पण. जहां प्रेम नहीं है, वहां प्रार्थना नहीं है. प्रेम के स्मरण में एक अद्भुत घटना का उल्लेख है. नूरी, रक्काम एवं कुछ अन्य सूफी फकीरों पर काफिर होने का आरोप लगाया गया था और उन्हें मृत्यु दण्ड दिया जा रहा था. जल्लाद जब नंगी तलवार लेकर रक्काम के […]

क्षण का मूल्‍य

time value

शाश्वत क्षण में छिपा है, और अणु में विराट. अणु को जो अणु मानकर छोड़ दे, वह विराट को ही खो देते हैं. क्षुद्र में खोजने से ही परम की उपलब्धि होती है. जीवन का प्रत्येक क्षण महत्वपूर्ण है. और किसी भी क्षण का मूल्य किसी दूसरे क्षण न ज्यादा है, न कम है. आनंद […]

चित्त की धूल

प्रत्येक व्यक्ति एक दर्पण है. सुबह से सांझ तक इस दर्पण पर धूल जमती है. जो मनुष्य इस धूल को जमते ही जाने देते हैं, वे दर्पण नहीं रह जाते. और जैसा स्वयं का दर्पण होता है, वैसा ही ज्ञान होता है. जो जिस मात्रा में दर्पण है, उस मात्रा में ही सत्य उसमें प्रतिफलित होता […]