फादर कोल्बे : Sacrifice of Father Kolbe

संत मैक्सिमिलियन कोल्बे (1894-1941) पोलैंड के फ्रांसिस्कन मत के पादरी थे. नाजी हुकूमत के दौरान उन्हें जर्मनी की खुफिया पुलिस ‘गेस्टापो’ ने बंदी बना लिया. उन्हें पोलैंड के औश्वित्ज़ के यातना शिविर में भेज दिया गया. एक दिन यातना शिविर में दैनिक हाजिरी के दौरान एक बंदी कम पाया गया. अधिकारियों ने यह निष्कर्ष निकाला […]

प्रार्थना के हाथ : The Praying Hands

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पंद्रहवीं शताब्दी में वर्तमान जर्मनी के न्यूरेमबर्ग शहर के समीप एक गाँव में एक परिवार रहता था जिसमें १८ बच्चे थे. इतने सारे बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए परिवार का मुखिया अर्थात उन बच्चों का पिता प्रतिदिन अठारह घंटे तक काम किया करता था. वह आभूषण बनाया करता था. इसके अतिरिक्त वह आस-पड़ोस […]

त्याग : नश्वर का त्याग, शाश्वत की प्राप्ति

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एक गांव में गया था. किसी ने कहा, “धर्म त्याग है”. त्याग बड़ी कठिन और कठोर साधना है. मैं सुनाता था तो एक स्मरण हो आया. छोटा था- बहुत बचपने की बात होगी. कुछ लोगों के साथ नदी-तट पर वन-भोज को गया था. नदी तो छोटी थी, पर रेत बहुत थी और रेत में चमकीले […]

बुद्ध प्रसंग

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महर्षि रमण और उनके शिष्य अनासक्ति के विषय पर चर्चा कर रहे थे. महर्षि ने कहा – “भारतवर्ष में सदियों पहले ही किसी कवि ने अपने छंद में लिखा था ‘प्रभु, तुमने मुझे तन ढंकने के लिए कपड़ा और भोजन करने के लिए हाथ दिए हैं. इनके अतिरिक्त मुझे और किसकी आवश्यकता है? मेरे लिए […]

त्याग : Sacrifice

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“मैं सब कुछ छोड़ने के लिए तैयार हूँ” – एक राजकुमार ने गुरु से कहा – “कृपया मुझे अपना शिष्य बना लीजिये”. “ठीक है. लेकिन पहले तुम मुझे इस प्रश्न का उत्तर दो कि मनुष्य ज्ञान के पथ का चयन कैसे करता है?” – गुरु ने पूछा. “त्याग के द्वारा ही हम सत्य और ज्ञान के […]

“मैं जानता था…

दो बचपन के दोस्तों ने एक साथ एक ही स्कूल में पढ़ाई की, एक ही कॉलेज गए और सेना में भी एक ही साथ भर्ती हुए. युद्ध छिड़ने पर दोनों की तैनाती भी एक ही यूनिट में हुई. एक रात उनकी यूनिट चारों और से हो रही गोलीबारी में घिर गई और उनके बहुत से […]