तीन संत

अपने अध्ययनकक्ष में तॉल्सतॉय

यह लेव तॉल्स्तॉय की बहुत प्रसिद्द कहानी है. रूस के ऑर्थोडॉक्स चर्च के आर्चबिशप को यह पता चला कि उसके नियमित प्रवचन में भाग लेने वाले बहुत से लोग एक झील के पास जाने लगे हैं. उस झील के बीच में छोटा सा एक टापू था जहाँ एक पेड़ के नीचे तीन बूढ़े रहते थे. […]

मनुष्य की रचना

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एक विराट सम्मलेन में बहुत से ज्ञानी जन ईश्वर और उसके द्वारा किये गए कार्यों पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए. एक सत्र में चर्चा का विषय यह था कि ईश्वर ने मनुष्य की रचना सृष्टि निर्माण के छठवें दिन क्यों की. “पहले ईश्वर ने ब्रह्माण्ड को व्यवस्थित करने का निश्चय किया ताकि इसके […]

परमात्मा की पुकार

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ईरान के सूफ़ी महाकवि हाफ़िज़ {ख्वाज़ा शमसुद्दीन मुहम्मद हाफ़िज़-ए-शीराज़ी (1315 – 1390)} का दीवान अधिकाँश ईरानियों के घर में पाया जाता है. उनकी कविताएँ और सूक्तियां हर मौके पर पढ़ी और प्रयुक्त की जाती हैं. यह घटना उस समय की है जब हाफ़िज़ अपने गुरु के सानिध्य में ज्ञान और ध्यान की शिक्षा ग्रहण कर […]

Crowns on the Torah – शब्दों पर बने मुकुट

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जब हज़रत मूसा यहूदी बाइबल के कुछ खास हिस्सों को लिखने के लिए स्वर्ग पधारे तब ईश्वर ने उनसे तोरा* के कुछ शब्दों के ऊपर छोटे-छोटे मुकुट बना देने के लिए कहा. मूसा ने ईश्वर से पूछा – “हे परमपिता, आपने ये मुकुट किसलिए बनवाये हैं?” ईश्वर ने कहा – “क्योंकि अब से सैंकड़ों पीढ़ियों […]

अपने-अपने सलीब : Burden of Cross

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अम्ब्रिया (इटली) के एक गाँव में एक आदमी रहता था जो हमेशा अपने दुखों का रोना रोते रहता था. वह ईसाई था और उसे यह लगता था कि उसके कंधों पर रखा सलीब ही सबसे भारी है. एक रात सोने से पहले उसने ईश्वर से प्रार्थना की – “प्रभु, मेरे दुखों का भार कुछ कम […]

भले आदमी की परछांई : The Shadow of a Noble Man

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बहुत पुरानी बात है. कहीं एक भला आदमी रहता था जो सभी से असीम प्रेम करता था और सारे जीवों के प्रति उसके ह्रदय में अपार करुणा थी. उसके गुणों से प्रसन्न होकर ईश्वर ने उसके पास अपना देवदूत भेजा. “ईश्वर ने मुझे आपके पास यह कहने के लिए भेजा है कि वे आपसे बहुत […]

ईश्वर-भक्त संवाद

एक परमभक्त को ईश्वर ने दर्शन दिए. भक्त ने ईश्वर से पूछा – “प्रभु, क्या मैं आपसे एक प्रश्न पूछ सकता हूँ? ईश्वर ने कहा – “अवश्य. जो चाहे पूछो.” भक्त ने कहा – “प्रभु, आप तो इस सृष्टि में अनादि-अनंत काल से हैं. ऐसे में ‘एक हज़ार साल’ आपके लिए कितना समय होगा? ईश्वर […]

नास्तिक प्रोफेसर और विद्यार्थी के मध्य संवाद : An Atheist Professor and His Student

science and religion

एक नास्तिक प्रोफेसर और विद्यार्थी के मध्य ईश्वर के अस्तित्व और विज्ञान के बारे में एक दिन कक्षा में वार्तालाप हुआ. प्रोफेसर ने अपने नए विद्यार्थी को खड़ा होने के लिए कहा और उससे पूछा :- प्रोफेसर – क्या तुम ईश्वर में विश्वास करते हो? विद्यार्थी – हां सर. प्रोफेसर – क्या ईश्वर शुभ है? […]

और भगवान ने कहा…

अपने चारों तरफ हर जगह दुःख, गरीबी, और बुराइयां देखकर एक दिन एक आदमी अपना आपा खो बैठा और आसमान की ओर देखते हुए धरती पीट-पीटकर उसने भगवान से कहा :- “देखो तुमने कैसी दुनिया बनाई है! यहाँ दुःख और दर्द के सिवा कुछ नहीं है! हर तरफ खूनखराबा और नफरत है! हे ईश्वर! ऐ […]

ईश्वर की खोज : Search for the God

drowning

एक सन्यासी नदी के किनारे ध्यानमग्न था। एक युवक ने उससे कहा – “गुरुदेव, मैं आपका शिष्य बनना चाहता हूँ”। सन्यासी ने पूछा – “क्यों?” युवक ने एक पल के लिए सोचा, फ़िर वह बोला – “क्योंकि मैं ईश्वर को पाना चाहता हूँ”। सन्यासी ने उछलकर उसे गिरेबान से पकड़ लिया और उसका सर नदी […]