अच्छे विचार : बुरे विचार

“मुझे कोई मार्ग नहीं सूझ रहा है. मैं हर समय उन चीज़ों के बारे में सोचता रहता हूँ जिनका निषेध किया गया है. मेरे मन में उन वस्तुओं को प्राप्त करने की इच्छा होती रहती है जो वर्जित हैं. मैं उन कार्यों को करने की योजनायें बनाते रहता हूँ जिन्हें करना मेरे हित में नहीं […]

शतरंज की बाज़ी : A Game of Chess

एक युवक ने किसी ईसाई मठ के महंत से कहा – “मैं साधू बनना चाहता हूँ लेकिन मुझे कुछ नहीं आता. मेरे पिता ने मुझे शतरंज खेलना सिखाया था लेकिन शतरंज से मुक्ति तो नहीं मिलती. और जो दूसरी बात मैं जानता हूँ वह यह है कि सभी प्रकार के आमोद-प्रमोद के साधन पाप हैं.” […]