सच : Truth

truth

स्पेन के अखबार “ला वेनगार्दिया” में यह छपाः

“सच क्या है?”, स्पेन की एक अदालत के न्यायाधीश जोसेप मारिया पिजुआन ने बलात्कार की शिकार एक 11 वर्षीय लड़की से अदालत में पूछा. जोसेप इस बात की तस्दीक कर लेना चाहते थे कि लड़की की बताई बातों में कहीं कोई उलझाव नहीं है. इस मामले में लड़की की ओर से पैरवी कर रही वकील को मन में यह खटका-सा लग रहा था कि लड़की कहीं कोई ऐसी बात न कह दे जो उसकी गवाही को कमज़ोर कर दे.

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एक मौके पर न्यायाधीश ने लड़की से दार्शनिकतापूर्ण प्रश्न किया, “सच क्या है? क्या सच यह है कि तुम अपने साथ इस घटना के होने की कल्पना कर रही हो या वह है जो तुम्हारी वकील तुम्हें अदालत में बोलने के लिए कह रही है?”

लड़की कुछ पल के लिए ठहरी-सी रही, फिर उसने कहाः

“सच यह है कि उन्होंने मेरे साथ गलत काम किया”.

इस मामले से जुड़ी प्रसिद्ध न्यायविद जुफ्रेसा ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कैरियर में सच की इतनी सटीक और सरल परिभाषा पहले कभी नहीं सुनी.

(पाउलो कोएलो के ब्लॉग से)

(~_~)

I read the following piece of news in the Spanish newspaper “La Vanguardia”.
“What is truth? The President of the Court, Josep Maria Pijuan, had to check which of the versions of rape offered by the girl victim, 11-year-old J., was closest to reality. The lawyers attending the questioning did not believe that she would manage to avoid contradicting herself in her deposition.
“At a certain moment the judge asked a rather philosophical question: What is truth? Is it what you imagine or what they asked you to tell?”
The girl stopped for a minute, then she answered:
“Truth is the bad they did to me.”
“Lawyer Jufresa, a renowned and prestigious jurist, said that was one of the most brilliant definitions she had heard in her whole career.”
(from the blog of Paulo Coelho)

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गोबर : Bullshit

mathilda huhn by alice popkorn

एक मुर्गी खेत में बैल से बातें कर रही थी. वह बोली, “मैं उस पेड़ की ऊंची टहनी तक पहुंचना चाहती हूं, लेकिन मुझमें इतनी ताकत नहीं है.”

बैल ने कहा, “तुम्हें पता है, हमारे गोबर में बहुत पौष्टिक तत्व होते हैं. तुम इसे थोड़ा-थोड़ा रोज़ खाओगी तो तुममें ताकत आ जाएगी”.

मुर्गी ने गोबर में चोंच मारकर देखा और उसे यह वाकई पौष्टिक लगा. उसमें थोड़ी ताकत आ गई और वह पेड़ की निचली टहनी तक पहुंच गई.

अगले दिन उसने फिर थोड़ा गोबर चखा और वह पेड़ की दूसरी शाखा तक पहुंच गई.

गोबर खाते-खाते चार-पांच दिनों के भीतर मुर्गी में इतनी जान आ गई कि वह पेड़ की सबसे ऊपरी शाखा पर चढ़ बैठी. बदकिस्मती से किसान ने उसे कोई बुरी चिड़िया समझकर गोली से उड़ा दिया.

इस छोटी सी कहानी से मिलनेवाली सीख बहुत रोचक है जिसे नीचे मूल अंग्रेजी में पढ़ना ही सही होगा :)

(~_~)

A hen was chatting with a bull. “I would love to be able to get to the top of that tree,” sighed the hen, “but I haven’t got the energy.”

“Well, why don’t you nibble on some of my droppings?” replied the bull. “They’re packed with nutrients.”

The hen pecked at a lump of dung, and found it actually gave him enough strength to reach the lowest branch of the tree.

The next day, after eating some more dung, he reached the second branch.

Finally after a fourth night, the hen was proudly perched at the top of the tree. He was promptly spotted by a farmer, who shot him out of the tree.

Moral of the story: Bullshit might get you to the top, but it won’t keep you there.

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भविष्यवेत्ता : A Future-teller

HKD Flickr
एक बहुत पूरानी यूनानी कहानी सुनाता हूं आपको. उन दिनों कहीं एक बहुत प्रसिद्ध भविष्यवेत्ता रहता था. एक दिन वह राह चलते कुएं में गिर गया. हुआ यूं कि वह रात के दौरान तारों का अवलोकन करते हुए चला जा रहा था. उसे पता न था कि राह में कहीं एक कुंआ है, उसी कुंए में वो गिर गया.
उसके गिरने और चिल्लाने की आवाज़ सुनकर पास ही एक झोपड़ी में रहनेवाली बुढ़िया उसकी मदद को वहां पहुंच गई और उसे कुंए से निकाला.
जान बची पाकर भविष्यवेत्ता बहुत खुश हुआ. वह बोला, “तुम नहीं आतीं तो मैं मारा जाता! तुम्हें पता है मैं कौन हूं? मैं राज-ज्योतिषी हूं. हर कोई आदमी मेरी फीस नहीं दे सकता – यहां तक कि राजाओं को भी मेरा परामर्श लेने के लिए महीनों तक इंतज़ार करना पड़ता है – लेकिन मैं तुमसे कोई पैसा नहीं लूंगा. तुम कल मेरे घर आओ, मैं मुफ्त में तुम्हारा भविष्य बताऊंगा”.
यह सुनकर बुढ़िया बहुत हंसी और बोली, “यह सब रहने दो! तुम्हें अपने दो कदम आगे का तो कुछ दिखता नहीं है, मेरा भविष्य तुम क्या बताओगे?”

(~_~)

I have heard an ancient story, it happened in Greece. A great astrologer, the most famous of those days, fell into a well. Because in the night he was studying the stars, walking on the road he forgot that there was a well by the side and fell into it.

The sound of his falling and his crying…. An old woman who lived in a hut by the side came out, helped him to get out of the well.

He was very happy. He said, “You have saved my life! Do you know who I am? I am the royal astrologer. My fee is very great — even kings have to wait for months to consult me — but for you I will predict your future. You come tomorrow morning to my house, and I will not take any fee.”

The old woman laughed and she said, “Forget all about it! You cannot see even two feet ahead — how can you see my future?”

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चट्टान : The Rock

alicepopkorn photo

“सबसे महान तलवारबाज़ कौन है?”, योद्धा शिष्य ने अपने गुरु से पूछा.

“तुम आश्रम के पास स्थित खेतों की ओर जाओ,” गुरु ने कहा, “वहां खेत में एक बड़ी चट्टान है. तुम उस तक जाओ और उसका अपमान करो.”

“लेकिन मैं ऐसा क्यों करूं?” योद्धा ने आश्चर्य से पूछा, “चट्टान मुझे कोई उत्तर नहीं देगी.”

“तब तुम उसपर अपनी तलवार से प्रहार करना,” गुरु ने कहा.

“लेकिन यह सब करने से क्या होगा?”, योद्धा ने कहा, “मेरी तलवार टूट जाएगी. यदि मैं चट्टान पर हाथों से प्रहार करूंगा तो मेरी उंगलियां चोटिल हो जाएंगी लेकिन चट्टान पर कुछ असर नहीं होगा. मैने तो आपसे विश्व के सबसे महान तलवारबाज़ के बारे में पूछा था?”

“महानतम तलवारबाज़ वह है जो उस चट्टान की भांति है,” गुरु ने कहा, “वह अपनी तलवार को म्यान से निकाले बिना ही यह दिखा देता है कि वह अपराजित है.”

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“Who is the best swordsman?” asked a warrior of his master.

“Go to the field near the monastery,” his master answered. “There is a rock there. I want you to insult the rock.”

“But why would I do that?” the disciple asked. “The rock will not respond.”

“Well, then attack it with your sword,” the master said.

“I won’t do that, either,” the disciple answered. “My sword would break. And if I attack the rock with my hands, I’ll injure my fingers and have no impact on it. That wasn’t what I asked. Who is the best swordsman?”

“The best is the one who is like the rock,” said his master. “Without unsheathing a sword, it demonstrates that no one can conquer it.”

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जंगल में नास्तिक : An Atheist in Jungle

lion

अफ़्रीका के जंगलों से गुज़रते समय एक नास्तिक वैज्ञानिक विकासवाद के कारण अस्तित्व में आए प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना करता जा रहा था.

“कितने सुंदर विराट वृक्ष! कितनी वेगवती नदियां! कितने सुंदर प्राणी! और यह सब किसी के हस्तक्षेप के बिना अपने आप ही घटित हो गया! दुनिया में केवल अज्ञानी और कायर ही हैं जो किसी अज्ञात शक्ति के भय से ग्रस्त होकर चमत्कारिक ब्रह्मांड के अस्तित्व का श्रेय नाहक ही ईश्वर को देते हैं.”

तभी उसके पीछे झाड़ियों में कुछ आहट हुई. एक शेर नास्तिक पर झपटा. उसने भागने की कोशिश की लेकिन शेर ने उसे चित कर दिया.

जब कोई राह न सूझी, नास्तिक के मुंह से निकल पड़ा, “भगवान बचाओ!”

और एक चमत्कार हुआ: सब कुछ थम गया. वातावरण में दिव्य प्रकाश व्याप्त हो गया और एक आवाज़ आई:

“तुम क्या चाहते हो? इतने वर्षों तक तुम मेरे अस्तित्व को नकारते रहे और दूसरों को भी यह समझाते रहे कि ईश्वर का कोई वजूद नहीं है. तुमने मेरी रची दुनिया को महज़ “घटनाओं का संयोग” कहा.

नास्तिक को अचरज में कुछ न सूझा, वह बोला:

“सिर्फ इसलिए कि मैं अगले ही पल मरनेवाला हूं, मैं पाखंड का आश्रय नहीं लूंगा. मैं पूरी ज़िंदगी यही सिद्ध करता रहा हूं कि तुम्हारा कोई अस्तित्व नहीं है.”

“अच्छा, तो अब तुम मुझसे क्या चाहते हो?”

नास्तिक ने एक पल को विचार किया. वह जानता था कि अब किसी संवाद की गुंजाइश नहीं थी. अंततः उसने कहा:

“मैं नहीं बदल सकता लेकिन यह शेर तो बदल सकता है. तुम इस खूंखार भयानक शेर को आस्थावान ईसाई बना दो!”

उसी क्षण दिव्य प्रकाश लुप्त हो गया. जंगल में चिड़ियों की चहचहाहट फिर से सुनाई देनी लगी. शेर नास्तिक के ऊपर से उतर गया. उसने श्रृद्धा से अपना सर झुकाया, और नम्रतापूर्वक बोला:

“हे ईश्वर, मेरी भूख मिटाने के लिए तूने अपार उदारता दिखाई और मुझे यह भोजन सौंपा. तुझे लाख-लाख धन्यवाद प्रभु…”

(~_~)

An atheist is going through a forest in Africa, filled with admiration for everything created by that “accident of evolution”.
“But what majestic trees! What powerful rivers! What beautiful animals! And all this happened by chance, without anyone interfering! Only the weak and ignorant, afraid they cannot explain their own lives and the universe, feel the need to attribute all these marvels to a superior entity!”
There is a noise in the bushes behind him; a lion is about to pounce on him. He tries to flee, but the animal knocks him over.
With nothing else to lose, he shouts out: “My God!”
And a miracle happens: time stops, the atmosphere is drenched in a strange light, and a voice is heard:
“What do you want? You have denied my existence for all these years, you have taught others that I do not exist, and you reduced Creation to a “cosmic accident”.
Quite confused, the man exclaims:
“It would be hypocritical of me to change my mind just because I am about to die. All my life I have preached that You do not exist.”
“So, what do you expect me to do?”
The atheist reflected for a moment, knowing that the discussion could not last forever. Finally he says:
“I can’t change, but the lion can. So, I ask the Lord to change this wild, murderous beast into a Christian animal!”
Right there and then, the light disappears, the birds in the forest renew their singing, and the river begins to flow again. T
The lion climbs off the man, pauses, lowers its head, and says very earnestly:
“Lord, I am ever so grateful for Your generosity, for this food that I am about to eat…”

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