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खोटा सिक्का

यह एक सूफी कथा है. किसी गाँव में एक बहुत सरल स्वभाव का आदमी रहता था. वह लोगों को छोटी-मोटी चीज़ें बेचता था. उस गाँव के सभी निवासी यह समझते थे कि उसमें निर्णय करने, परखने और आंकने की क्षमता नहीं थी. इसीलिए बहुत से लोग उससे चीज़ें खरीदकर उसे खोटे सिक्के दे दिया करते थे. वह उन सिक्कों को ख़ुशी-ख़ुशी ले लेता था. किसी ने उसे कभी भी यह कहते नहीं सुना कि 'यह सही है और यह गलत है'. कभी-कभी तो उससे सामान लेनेवाले लोग उसे कह देते थे कि उन्होंने दाम चुका दिया है, और वह उनसे पलटकर कभी नहीं कहता था कि 'नहीं, … [Read More...]

Paulo Coelho

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चूहा और किताबें : Mouse and Books

यह छोटी सी कहानी पाउलो कोएलो के ब्लौग से ली गयी एक पोस्ट का अनुवाद है. यह स्पष्ट नहीं है  कि यह पाउलो कोएलो का निजी संस्मरण है या उन्हें किसी अन्य पाठक द्वारा भेजी गयी कहानी. जब मैं डॉ. एरियास के … [Read More...]

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दर्पण : The Mirror

एक बहुत धनी युवक रब्बाई के पास यह पूछने के लिए गया कि उसे अपने जीवन में क्या करना चाहिए. रब्बाई उसे कमरे की खिड़की तक ले गए और उससे पूछा: "तुम्हें कांच के परे क्या दिख रहा है?" "सड़क पर लोग आ-जा रहे … [Read More...]

Osho Stories

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स्वयं से पूछो, “मैं कौन हूं?”

''मैं कौन हूं?'' जो स्वयं से इस प्रश्न को नहीं पूछता है, उसके लिए ज्ञान के द्वार बंद ही रह जाते हैं. उस द्वार को खोलने की कुंजी यही है. स्वयं से पूछो कि ''मैं कौन हूं?'' और जो प्रबलता से और समग्रता से … [Read More...]

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भविष्य में छलांग

मैंने सुना है, एक वृद्ध व्यक्ति हवाईजहाज से न्यूयार्क जा रहा था. बीच के एक एयरपोर्ट पर एक युवक भी उसमें सवार हुआ. उस युवक के बैग को देखकर लगता था कि वह शायद किसी इंश्योरेंस कंपनी का एक्जीक्यूटिव था. … [Read More...]

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हिलेरी का संकल्प

सर एडमंड हिलेरी माउन्ट एवरेस्ट की चोटी पर कदम रखने वाले पहले पर्वतारोही थे। २९ मई, १९५३ को इसकी २९,००० फीट ऊंची चोटी पर उन्होंने विजय पाई। इस सफलता के लिए उन्हें 'सर' की उपाधि से विभूषित किया … [Read More...]

बिस्कुट का पैकेट : पॉइंट ऑफ़ व्यू

मुंबई के अंतर्राष्ट्रीय एअरपोर्ट पर आप अधीरता से अपनी फ्लाईट की प्रतीक्षा कर रहे हैं. आपको भूख भी लग रही है. किसी रेस्टौरेंट में आप जा नहीं सकते इसलिए आप सामनेवाली दूकान से बिस्कुट का एक पैकेट खरीद … [Read More...]

चित्रपहेली और अलेक्जेंडर ग्राहम बेल

पिछली पोस्ट में मैंने एक व्यक्ति का चित्र दिखाकर पाठकों से उसे पहचानने के लिए कहा था. कई लोगों ने सही-गलत उत्तर दिए और चित्र-पहेली को पसंद किया गया. ब्लौग के एक नियमित पाठक ने एक बेनामी कमेन्ट में … [Read More...]

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मूर्ख बंदर और चंद्रमा

एक रात एक छोटा बंदर कुँए पर पानी पीने के लिए गया. जब उसने कुँए में झाँककर देखा तो उसे पानी में चंद्रमा झिलमिलाता हुआ दिखाई दिया. यह देखकर वह बहुत डर गया और दूसरे बंदरों को यह बात बताने के लिए … [Read More...]

सत्य वचन – मार्क ट्वेन

आज से बीस साल बाद तुम यह सोचकर निराश हो उठोगे कि तुम्हें वह सब नहीं करना चाहिए था जो तुम कर बैठे. इसीलिए मैं तुमसे कहता हूँ कि अपने पाल गिरा दो और सुरक्षित बंदरगाहों से बहुत दूर चले जाओ. पूर्वी … [Read More...]

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संयम और संगीत ही साधना है

सुबह जा चुकी है. धूप गर्म हो रही है और मन छाया में चलने को है. एक वृद्ध अध्यापक आये हें. वर्षों से साधना में लगे हैं. तन सूख कर हड्डी हो गया है. आंखें धूमिल हो गयी हैं और गड्ढों में खो गयी हैं. लगता … [Read More...]

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बोंसाई और हम

यह अंग्रेजी ब्लॉग बिकमिंग मिनिमलिस्ट्स के लेखक जोशुआ बेकर की अतिथि पोस्ट है. “Never underestimate the power of dreams and the influence of the human spirit. We are all the same in this notion: The … [Read More...]