चुनाव

शिष्य ने गुरु से पूछा, “यदि मैं आपसे यह कहूं कि आपको आज सोने का एक सिक्का पाने या एक सप्ताह बाद एक हज़ार सिक्के पाने के विकल्प में से एक का चुनाव करना है तो आप क्या लेना पसंद करेंगे?” “मैं तो एक सप्ताह बाद सोने के हज़ार सिक्के लेना चाहूँगा”, गुरु ने कहा. […]

मन

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“मेरे मन के साथ कुछ गड़बड़ है” शिष्य ने कहा, “मेरे विचार तर्कसंगत नहीं हैं”. गुरु ने कहा, “शांत सरोवर और उफनती नदी, दोनों जल ही हैं” शिष्य गुरु की बात नहीं समझ पाया और मुंह बाए देखता रहा. गुरु ने अपने कथन की व्याख्या की, “तुम्हारे सबसे शुद्ध, सचेत, उन्नत विचार और सबसे विकृत, […]

अनुभव

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एक सुबह एक प्रख्यात लेखक और ज़ेन मास्टर के बीच ज़ेन के विषय पर बातचीत हो रही थी: “ज़ेन को आप किस प्रकार परिभाषित करेंगे?”, लेखक ने पूछा. “ज़ेन प्रत्यक्ष अनुभव द्वारा प्राप्त ज्ञान है”, ज़ेन मास्टर ने कहा. “दूसरों के अनुभव से ज्ञान प्राप्त करने में क्या बुराई है?”, लेखक ने कहा, “पुस्तकालयों में […]

सबक

धनुर्विद्या के एक प्रसिद्द गुरु अपने शिष्य के साथ वन में भ्रमण कर रहे थे. गुरु ने एक वृक्ष की सबसे ऊंची शिखाओं में छुपे हुए फल पर निशाना लगाया और तीर चला दिया. फल सीधे डाल से टूटकर नीचे आ गिरा. भूमि पर गिरे हुए फल पर एक दृष्टि डाल कर गुरु भावशून्य-से आगे […]

जुआरी

एक जुआरी ने ज़ेन मास्टर के पास आकर कहा, “मैं कल रात सराय में पत्तों की बेईमानी करते पकड़ा गया और मेरे साथियों ने मुझे पहली मंजिल के कमरे की खिड़की से नीचे सड़क पर धकेल दिया. किस्मत से मुझे कुछ ख़ास चोट नहीं लगी. अब मुझे क्या करना चाहिए?” मास्टर ने जुआरी की आँखों […]