Category Archives: Zen Stories

वर्तमान

“सदैव वर्तमान में उपस्थित रहने से आपका क्या तात्पर्य है?”, शिष्य ने गुरु से पूछा. गुरु ने शिष्य को एक छोटी जलधारा के पार तक चलने के लिए कहा. जलधारा के बीच कुछ दूरी पर पड़े पत्थरों पर चलकर वे … Continue reading

8 Comments

Filed under Zen Stories

जीवन का आनंद

“इस साल मैंने अपने जीवन का पूरी तरह से आनंद लिया”, शिष्य ने गुरु से कहा. “अच्छा?”, गुरु ने पूछा, “क्या-क्या किया तुमने?” “सबसे पहले मैंने गोताखोरी सीखी”, शिष्य ने कहा, “फिर मैं दुर्गम पर्वतों पर विजय पाने के लिए … Continue reading

15 Comments

Filed under Zen Stories

चुनाव

शिष्य ने गुरु से पूछा, “यदि मैं आपसे यह कहूं कि आपको आज सोने का एक सिक्का पाने या एक सप्ताह बाद एक हज़ार सिक्के पाने के विकल्प में से एक का चुनाव करना है तो आप क्या लेना पसंद … Continue reading

13 Comments

Filed under Zen Stories

मन

“मेरे मन के साथ कुछ गड़बड़ है” शिष्य ने कहा, “मेरे विचार तर्कसंगत नहीं हैं”. गुरु ने कहा, “शांत सरोवर और उफनती नदी, दोनों जल ही हैं” शिष्य गुरु की बात नहीं समझ पाया और मुंह बाए देखता रहा. गुरु … Continue reading

11 Comments

Filed under Zen Stories

अनुभव

एक सुबह एक प्रख्यात लेखक और ज़ेन मास्टर के बीच ज़ेन के विषय पर बातचीत हो रही थी: “ज़ेन को आप किस प्रकार परिभाषित करेंगे?”, लेखक ने पूछा. “ज़ेन प्रत्यक्ष अनुभव द्वारा प्राप्त ज्ञान है”, ज़ेन मास्टर ने कहा. “दूसरों … Continue reading

10 Comments

Filed under Zen Stories