बच्चों की किलकारियां

anahita and aayam

पहाड़ी घुमावदार रास्ते, सूरजिया रौशन दीवारें, नीला हिलोरी सागर, बच्चों की किलकारियां. चाहें आप दुनिया में कहीं भी चले जाएँ, चाहें लोग कितनी ही जुबानें बोलें, चाहें संस्कृतियाँ और सरकारें कितने ही मोर्चे खोलें… बच्चों की सहज हंसी सभी के मन को आनंदमय कर देती है. बड़ों की हंसी केवल हंसी ही नहीं होती – […]

Inner Treasure – आंतरिक निधि

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हमारे घर में… हमारे भीतर ही वह सम्पदा छुपी है जिसे हम देख नहीं पाते. हम स्वयं से पूछते हैं, “यह वहां कैसे हो सकती है?” एक पुरानी कहानी में यह वर्णित है कि शताब्दियों पहले भारत के नगरों में व्यापारी जन शुद्धता और नीतिपूर्वक अपने कार्य करते थे. यह उस काल की बात है […]

उपचार

हर धधकती लपट शांत हो जाती है. हर बहकती जलधारा को विश्राम मिल जाता है. कोई भी परिस्थिति कितनी ही विकट क्यों न हो, बदल जाती है. वह हमेशा नहीं रहती. इसीलिए जंगल की विकराल आग देरसबेर ख़त्म हो जाती है; उथल-पुथल भरे समुद्र में लहरें थम जाती हैं. प्रकृति की सभी घटनाएं अपने विलोम […]

Skills – कौशल

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किसी जमाने में एक यात्रिक था जिसे धन अथवा प्रसिद्धि आदि की चाह नहीं थी. वह चाहता तो जीवन में बड़ी-से-बड़ी पदवी पर आसीन हो सकता था पर वह हमेशा उन गुरुओं की खोज में लगा रहा जो उसे वीणा, शतरंज, पुस्तक, चित्र, और तलवार की पूर्ण शिक्षा दें. वीणा से उसने संगीत प्राप्त किया जो आत्मा को […]

सीखना

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लाभ-हानि जीवन से जुड़े हुए हैं. एक आता है तो दूसरा चला जाता है. आप किसी भी ओर दृष्टि डालें, आपको क्षणभंगुरता दिखेगी. जीवन में आगे कई तरह के नुकसान और विछोहों से हमारा सामना होगा. उनसे हम कैसे निबटेंगे वही महत्वपूर्ण बात है. उनके विपरीत हमारी प्रतिक्रिया ही हमारे चरित्र, अनुभव, कर्म, और नियति […]

अस्थायित्व

तूफ़ान और झंझावात पेड़ों और पर्वतों को ध्वस्त करते हैं, पर आकर वापस लौट जाते हैं. फिर हमारे कर्मों की क्या बिसात! प्रचंड तूफ़ान जब धरती से टकराता है तब वायु और वर्षा प्रलय मचाती हैं. वृक्ष जड़ों से उखड़ जाते हैं, नदियां मार्ग बदल लेती हैं, यहाँ तक कि बड़े-बड़े पर्वत भी बिखरने लगते […]

जल

बूँदें… जल निर्मल करता है धरती को भरता है. कोमल. आक्रामक. पैना. उज्जवलित दमक सा बहता है. सूक्ष्म हो तो निर्बल और विशाल हो पर्वत पलटता है, प्रखर शिखरों को धूल-धूसरित करता है. शास्त्र कहते हैं कि जल से अधिक दुर्बल कुछ नहीं है. फिर भी संगठित होने पर इसकी शक्ति का कोई तोड़ नहीं […]