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Posts from the ‘Aesop’s fables’ Category

ईसप की कहानी : विश्वसनीयता बनाये रखें


wolf & sheepईसप की छोटी-छोटी कहानियां महान सत्यों से हमारा परिचय करातीं हैं. हम सभी ने ईसप की वह कहानी पढ़ी है जिसमें एक शरारती लड़का “भेड़िया आया, भेड़िया आया” का शोर मचाकर हमेशा ही गांववालों को डरा देता है. गांव के बाहर जब भेड़ें चरती रहतीं हैं तब वह गांववालों को परेशान करने के लिए शोर मचाता है – “बचाओ, बचाओ! भेड़िया आया, भेड़िया आया”.

शोर सुनकर गांववाले दौड़े-दौड़े वहां पहुंचते हैं पर उन्हें कोई भेड़िया नहीं मिलता. शरारती लड़का उनको परेशान देखकर हंसता है. ऐसा कई बार होता है. बेचारे गांववाले अपनी भेड़ें बचाने के लिए भागते हैं लेकिन हरबार बेवकूफ बन जाते हैं.

एक दिन ऐसा होता है कि वाकई एक भेड़िया वहां आकर भेड़ों के झुंड पर हमला बोल देता है. लड़का अत्यंत भयभीत होकर गांववालों को मदद के लिए पुकारता है – “बचाओ, बचाओ भेड़िया आया, भेड़िया आया”. लेकिन गांववाले उसकी गुहार को शरारत मानकर अनसुना कर देते हैं. वे इसे हरबार की तरह उसकी शैतानी समझकर इसपर विश्वास नहीं करते. लड़के की भेड़ें भेड़िये का शिकार बन जाती हैं.

इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है : जब लोग झूठ बोलते हैं तब वे अपनी विश्वसनीयता खो देते हैं. अपनी विश्वसनीयता खो देने के बाद वे सच भी बोलें तो भी लोग उनका यकीन नहीं करते हैं.

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200px-Thomas_Carlyle_-_Project_Gutenberg_eText_13103“ईमानदार आदमी बनकर देखो और तुम पाओगे कि दुनिया से एक बेईमान कम हो गया है” – थॉमस कार्लाइल

चित्र साभार :फ्लिकर और विकीपीडिया

(A motivational / inspiring fable of Aesop – a boy and his sheep – wolf – in Hindi)

ईसप की कहानी : जूपिटर और बंदरिया का बच्चा


baby monkeyदेवता जूपिटर ने एक दिन समस्त जानवरों को अपनी सभा में बुलाया और कहा – “तुम सब कल अपने-अपने सबसे सुंदर बच्चों के साथ सभा में आओ. जिसका बच्चा मुझे सबसे सुंदर लगेगा, उसे मैं बड़ा पुरस्कार दूंगा.

दूसरे दिन सभी जानवर अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ सभा में आये. एक बंदरिया भी अपने नन्हे से बच्चे को अपनी छाती से चिपका कर लाई. उसका बच्चा इतना छोटा था कि उसके बाल भी नहीं निकले थे और वह बिलकुल छिले हुए उबले आलू जैसा दिख रहा था. इतने सारे लोगों के बीच पहली बार आकर बच्चा बहुत सकपका गया था और अपनी माँ को कसकर जकड़े हुए था.

वहां उपस्थित अन्य जानवरों और देवताओं ने जब बंदरिया के बच्चे को देखा तो वे सभी हंसकर लोटपोट हो गए. लेकिन बंदरिया ने अपने बच्चे को बड़े प्यार से दुलारा और जूपिटर से कहा – “आप जिसे चाहें उसे सबसे सुंदर बच्चे का पुरस्कार दे दें लेकिन मेरे लिए तो मेरा बच्चा ही सबसे सुंदर है!”

(चित्र फ्लिकर से लिया गया है)

(A fable of Aesop – Jupiter and a baby of monkey – in Hindi)

ईसप की कहानी : दो पत्नियोंवाला आदमी


white hairएक प्रौढ़ व्यक्ति की दो पत्नियाँ थीं. उनमें से एक उसकी हमउम्र थी और दूसरी उससे काफी छोटी थी. दोनों पत्नियाँ अपने पति को अपने-अपने मनमाफिक रूप में देखना चाहती थीं. जब आदमी के बाल सफ़ेद होने लगे तो जवान पत्नी को यह अच्छा नहीं लगा. उसे लगा कि आदमी उसके पिता जैसा लगेगा, इसलिए हर रात को वह उसके बाल काढ़ती और सफ़ेद बालों को तोड़कर निकाल देती थी. दूसरी ओर आदमी की बड़ी पत्नी ने जब अपने पति को बुढ़ाते देखा तो उसे अच्छा लगा क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि लोग उसे उसके पति की माँ समझ बैठें, इसलिए वह भी रोज़ दिन में उसके बाल काढ़ने लगी और काले बालों को तोड़कर फेंकने लगी. इसका परिणाम यह हुआ कि एक दिन वह आदमी पूरा गंजा हो गया.

अब केवल एक वाक्य में बताइए कि इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

(चित्र फ्लिकर से लिया है)

(A fable of Aesop about two wives of a man – in Hindi)

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