Category Archives: संत-महात्मा

लंबे सफर में ईमानदारी

शाह अशरफ अली बहुत बड़े मुस्लिम संत थे। एक बार वे रेलगाड़ी से सहारनपुर से लखनऊ जा रहे थे। सहारनपुर स्टेशन पर उन्होंने अपने शिष्यों से कहा कि वे सामान को तुलवाकर ज्यादा वजनी होने पर उसका किराया अदा कर … Continue reading

6 Comments

Filed under संत-महात्मा

चैतन्य की मित्रता

एक बार चैतन्य महाप्रभु नाव में बैठकर जा रहे थे। उसी नाव में उनके बचपन के मित्र रघुनाथ पंडित भी बैठे हुए थे। रघुनाथ पंडित संस्कृत के प्रकांड विद्वान माने जाते थे। चैतन्य ने उन्हीं दिनों न्याय दर्शन पर एक … Continue reading

5 Comments

Filed under संत-महात्मा

सेवा का महत्त्व

सिखों के पांचवें गुरु अर्जुनदेव जी जब चौथे गुरु के अखाड़े में शामिल हुए तो उन्हें छोटे-छोटे काम करने को दिए गए। उन्हें ढेरों जूठे बर्तन भी साफ करना होता था। अर्जुनदेव जी को जो भी काम बताया जाता उसे … Continue reading

1 Comment

Filed under संत-महात्मा

मोह किससे?

किसी धनी भक्त ने एक बार श्री रामकृष्ण परमहंस को एक कीमती दुशाला भेंट में दिया। स्वामीजी ऐसी वस्तुओं के शौकीन नहीं थे लेकिन भक्त के आग्रह पर उन्होंने भेंट स्वीकार कर ली. उस दुशाला को वह कभी चटाई की … Continue reading

Leave a Comment

Filed under संत-महात्मा

इंसानियत का सबक

हज़रत खलील बहुत दयालु और दानी थे। जब तक वह किसी भूखे को खाना नहीं खिला देते थे तब तक वह स्वयं कुछ नहीं खाते थे। एक बार दो-तीन दिनों तक कोई याचक उनके घर नहीं आया। वह बड़े परेशान … Continue reading

1 Comment

Filed under संत-महात्मा, Sufi Stories