Category Archives: दार्शनिक

कैसा विरोध? कैसी आलोचना?

हिंदी ब्लॉग जगत में आयेदिन घमासान मच रहा है. सबकी अपनी-अपनी सोच है और बात को रखने का अपना-अपना अंदाज. देखने में यही आ रहा है कि आलोचना का स्वर बड़ा मुखर है. कोई बात किसी को जमी नहीं कि … Continue reading

15 Comments

Filed under दार्शनिक, Blogging

एक मालिक की नीलामी

ईसा पूर्व यूनान का दार्शनिक डायोजीनस सर्वथा नग्न रहता था और बहुत सशक्त कदकाठी का पुरुष था. उस जमाने में गुलाम प्रथा अपने चरम पर थी और दस्युओं के गिरोह बलशाली व्यक्तियों को पकड़कर उन्हें गुलाम के रूप में बेच … Continue reading

2 Comments

Filed under दार्शनिक

सुकरात के प्रसंग

प्राचीन यूनान में डेल्फी नामक स्थान के बारे में लोग यह मानते थे कि वह विश्व के केंद्र पर स्थित है. वहां स्थित एक मंदिर के लिए यह मान्यता थी कि उस मंदिर का पुजारी (ऑरेकल) समाधिस्थ होने पर अपोलो … Continue reading

8 Comments

Filed under दार्शनिक

शासक और शेर

कन्फ्यूशियस और उनके शिष्यों का जीवन सुरक्षित नहीं था. उनके ज्ञान और सत्यप्रियता के कारण राजनैतिक और धार्मिक हल्कों में बहुत से लोग उनसे डरते थे और उन्हें हानि पहुँचाना चाहते थे. कन्फ्यूशियस और उनके शिष्य एक प्रान्त से दूसरे … Continue reading

4 Comments

Filed under दार्शनिक

कार्ल मार्क्स की पत्नी

महान दार्शनिक और राजनीतिक अर्थशास्त्र के प्रणेता कार्ल मार्क्स को जीवनपर्यंत घोर अभाव में जीना पड़ा। परिवार में सदैव आर्थिक संकट रहता था और चिकित्सा के अभाव में उनकी कई संतानें काल-कवलित हो गईं। मार्क्स की पत्नी जेनी मार्क्स बहुत … Continue reading

17 Comments

Filed under दार्शनिक