Category Archives: दार्शनिक

Real Beauty – वास्तविक सौंदर्य

हर सुबह घर से निकलने के पहले सुकरात आईने के सामने खड़े होकर खुद को कुछ देर तक तल्लीनता से निहारते थे. एक दिन उनके एक शिष्य ने उन्हें ऐसा करते देखा. आईने में खुद की छवि को निहारते सुकरात … Continue reading

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Idiot vs. Thinker – मूर्ख बनाम विचारक

कॉलिन विल्सन मशहूर अंग्रेज लेखक हैं और उन्होंने अपराध, रहस्य, और पराविद्या (औकल्ट) पर लगभग 100 से भी अधिक बेस्टसेलर किताबें लिखीं हैं. वर्तमान युग के महत्वपूर्ण दार्शनिकों में उनका नाम शामिल है और उनके प्रशंसक उन्हें जीनियस मानते हैं. … Continue reading

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Socrates and the Marketplace – बाज़ार में सुकरात

सुकरात महान दार्शनिक तो थे ही, उनका जीवन संतों की तरह परम सादगीपूर्ण था. उनके पास कोई संपत्ति नहीं थी, यहाँ तक कि वे पैरों में जूते भी नहीं पहनते थे. फ़िर भी वे रोज़ बाज़ार से गुज़रते समय दुकानों … Continue reading

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The Rumor Mill – तीन छन्नियां

प्राचीन यूनान में सुकरात अपने ज्ञान और विद्वता के लिए बहुत प्रसिद्द था. सुकरात के पास एक दिन उसका एक परिचित व्यक्ति आया और बोला, “मैंने आपके एक मित्र के बारे में कुछ सुना है.” “दो पल रुको”, सुकरात ने … Continue reading

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सोरेन कीर्केगार्ड के अनमोल वचन

सोरेन अबाये कीर्केगार्ड (1813 – 1855) डेनमार्क के दार्शनिक और रहस्यवादी थे. बीसवीं शताब्दी के चिंतकों पर उनके दर्शन का गहन प्रभाव पड़ा है. उन्होंने मानव जीवन और इसकी प्राथमिकताओं, अनुभवों, अनुभूतियों, संकल्प, और विकल्पों के क्षेत्र में बेजोड़ काम … Continue reading

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