The Rumor Mill – तीन छन्नियां

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प्राचीन यूनान में सुकरात अपने ज्ञान और विद्वता के लिए बहुत प्रसिद्द था. सुकरात के पास एक दिन उसका एक परिचित व्यक्ति आया और बोला, “मैंने आपके एक मित्र के बारे में कुछ सुना है.” “दो पल रुको”, सुकरात ने कहा, “मुझे कुछ बताने से पहले मैं चाहता हूँ कि हम एक छोटा सा परीक्षण […]

तीन उत्तर – Three Answers

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चेन ज़िकिन ने कन्फ्यूशियस के पुत्र से पूछा, “क्या तुम्हारे पिता ने तुम्हें ऐसा कुछ भी सिखाया है जो हम नहीं जानते?” “नहीं”, कन्फ्यूशियस के पुत्र ने कहा, “लेकिन एक बार जब मैं अकेला था तो उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं कविता पढ़ता हूँ या नहीं. मेरे ‘ना’ करने पर वे बोले कि मुझे कविता […]

Real Beauty – वास्तविक सौंदर्य

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हर सुबह घर से निकलने के पहले सुकरात आईने के सामने खड़े होकर खुद को कुछ देर तक तल्लीनता से निहारते थे. एक दिन उनके एक शिष्य ने उन्हें ऐसा करते देखा. आईने में खुद की छवि को निहारते सुकरात को देख उसके चेहरे पर बरबस ही मुस्कान तैर गयी. सुकरात उसकी ओर मुड़े, और […]

Idiot vs. Thinker – मूर्ख बनाम विचारक

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कॉलिन विल्सन मशहूर अंग्रेज लेखक हैं और उन्होंने अपराध, रहस्य, और पराविद्या (औकल्ट) पर लगभग 100 से भी अधिक बेस्टसेलर किताबें लिखीं हैं. वर्तमान युग के महत्वपूर्ण दार्शनिकों में उनका नाम शामिल है और उनके प्रशंसक उन्हें जीनियस मानते हैं. अपनी आत्मकथा के पहले चैप्टर में विल्सन ने बताया है कि अपनी जवानी की शुरुआत […]

Socrates and the Marketplace – बाज़ार में सुकरात

सुकरात महान दार्शनिक तो थे ही, उनका जीवन संतों की तरह परम सादगीपूर्ण था. उनके पास कोई संपत्ति नहीं थी, यहाँ तक कि वे पैरों में जूते भी नहीं पहनते थे. फ़िर भी वे रोज़ बाज़ार से गुज़रते समय दुकानों में रखी वस्तुएं देखा करते थे. उनके एक मित्र ने उनसे इसका कारण पूछा. सुकरात […]

सोरेन कीर्केगार्ड के अनमोल वचन

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सोरेन अबाये कीर्केगार्ड (1813 – 1855) डेनमार्क के दार्शनिक और रहस्यवादी थे. बीसवीं शताब्दी के चिंतकों पर उनके दर्शन का गहन प्रभाव पड़ा है. उन्होंने मानव जीवन और इसकी प्राथमिकताओं, अनुभवों, अनुभूतियों, संकल्प, और विकल्पों के क्षेत्र में बेजोड़ काम किया है. उनके प्रसिद्द वचनों को मैंने यहाँ आपके लिए अनूदित किया है:- 01 – […]

कैसा विरोध? कैसी आलोचना?

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हिंदी ब्लॉग जगत में आयेदिन घमासान मच रहा है. सबकी अपनी-अपनी सोच है और बात को रखने का अपना-अपना अंदाज. देखने में यही आ रहा है कि आलोचना का स्वर बड़ा मुखर है. कोई बात किसी को जमी नहीं कि दन्न से एक पोस्ट ठोंक दी. बहुत से नवोदित ब्लॉगर हैं जो असहमति की दशा […]

एक मालिक की नीलामी

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ईसा पूर्व यूनान का दार्शनिक डायोजीनस सर्वथा नग्न रहता था और बहुत सशक्त कदकाठी का पुरुष था. उस जमाने में गुलाम प्रथा अपने चरम पर थी और दस्युओं के गिरोह बलशाली व्यक्तियों को पकड़कर उन्हें गुलाम के रूप में बेच देते थे. ऐसे ही चार दस्युओं ने डायोजीनस को देखा और आपस में बात की […]

सुकरात के प्रसंग

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प्राचीन यूनान में डेल्फी नामक स्थान के बारे में लोग यह मानते थे कि वह विश्व के केंद्र पर स्थित है. वहां स्थित एक मंदिर के लिए यह मान्यता थी कि उस मंदिर का पुजारी (ऑरेकल) समाधिस्थ होने पर अपोलो देवता की वाणी में दिव्य सन्देश सुनाता है. एक बार किसी ने ऑरेकल से पूछा […]

शासक और शेर

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कन्फ्यूशियस और उनके शिष्यों का जीवन सुरक्षित नहीं था. उनके ज्ञान और सत्यप्रियता के कारण राजनैतिक और धार्मिक हल्कों में बहुत से लोग उनसे डरते थे और उन्हें हानि पहुँचाना चाहते थे. कन्फ्यूशियस और उनके शिष्य एक प्रान्त से दूसरे प्रांत, बीहड़, जंगल आदि में भटकते रहते थे. वे ऐसा इसलिए नहीं करते थे कि […]