Author Archives: Nishant
About Nishant
निशांत 'हिंदीज़ेन' के संस्थापक, संचालक, पेशे से अनुवादक, और दिल्ली के निवासी हैं. भोपाल में जन्मे, वहीं शिक्षा-दीक्षा हुई. गंभीर साहित्य और संगीत के प्रेमी हैं पर हंसी-मजाक दिल खोलकर करते हैं. पूर्णतः पारिवारिक जीव हैं और सरल-सहज जीवन के घोर हिमायती.The Essence of Buddha-dharma – बुद्ध के धर्म का सार
पो चीन के तांग राजवंश में उच्चाधिकारी और कवि था. एक दिन उसने एक पेड़ की शाखा पर बैठे बौद्ध महात्मा को ध्यान करते देखा. उनके मध्य यह वार्तालाप हुआ: पो: “महात्मा, आप इस पेड़ की शाखा पर बैठकर ध्यान … Continue reading →
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Two More Days – दो दिन और…
बहुत समय पहले चीन के तांग प्रांत में एक वृद्ध साधु वू-ताई पर्वत की तीर्थयात्रा पर जा रहा था. वू-ताई पर्वत पर ज्ञान के बोधिसत्व मंजुश्री का निवास माना जाता है. वृद्ध और अशक्त होने के कारण वह धूल भरे … Continue reading →
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The Wall – दीवार
किसी महिला पत्रकार को यह पता चला कि एक बहुत वृद्ध यहूदी सज्जन लंबे समय से येरुशलम की पश्चिमी दीवार पर रोज़ाना बिलानागा प्रार्थना करते आ रहे हैं तो उसने उनसे मिलने का तय किया. वह येरुशलम की पश्चिमी प्रार्थना … Continue reading →
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Secret of Success – सफलता का रहस्य
एक कवि किसी प्रसिद्द और सफल मूर्तिकार से मिलने गया. उसकी कला वाटिका में उपस्थित शिल्प की सराहना करते हुए उसने मूर्तिकार से पूछा, “आपकी अद्वितीय कला का रहस्य क्या है?वह कौन सा दर्शन है जो आपको ये अनूठे शिल्प … Continue reading →
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The Old Laws – प्राचीन प्रथा
मरू-प्रदेश की भूमि में बहुत कम फल उपजते थे. अतः ईश्वर ने अपने पैगंबर को पृथ्वी पर यह नियम पहुंचाने के लिए कहा, “प्रत्येक व्यक्ति दिन में केवल एक ही फल खाए”. लोगों में मसीहा की बात मानी और दिन … Continue reading →
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