Author Archives: Nishant

About Nishant

निशांत 'हिंदीज़ेन' के संस्थापक, संचालक, पेशे से अनुवादक, और दिल्ली के निवासी हैं. भोपाल में जन्मे, वहीं शिक्षा-दीक्षा हुई. गंभीर साहित्य और संगीत के प्रेमी हैं पर हंसी-मजाक दिल खोलकर करते हैं. पूर्णतः पारिवारिक जीव हैं और सरल-सहज जीवन के घोर हिमायती.

Real Beauty – वास्तविक सौंदर्य

हर सुबह घर से निकलने के पहले सुकरात आईने के सामने खड़े होकर खुद को कुछ देर तक तल्लीनता से निहारते थे. एक दिन उनके एक शिष्य ने उन्हें ऐसा करते देखा. आईने में खुद की छवि को निहारते सुकरात … Continue reading

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Filed under दार्शनिक

Idiot vs. Thinker – मूर्ख बनाम विचारक

कॉलिन विल्सन मशहूर अंग्रेज लेखक हैं और उन्होंने अपराध, रहस्य, और पराविद्या (औकल्ट) पर लगभग 100 से भी अधिक बेस्टसेलर किताबें लिखीं हैं. वर्तमान युग के महत्वपूर्ण दार्शनिकों में उनका नाम शामिल है और उनके प्रशंसक उन्हें जीनियस मानते हैं. … Continue reading

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84th Problem – 84वीं समस्या

किसी व्यक्ति ने जब बुद्ध की ख्याति सुनी तो वह उनके दर्शन और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनके पास गया. जैसा हम सबके जीवन में प्रायः होता है, वह किसान भी अनेक कठिनाइयों का सामना कर रहा था. … Continue reading

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Teaching the Ultimate – सर्वोच्च सत्य

बहुत पुरानी बात है. जापान में लोग बांस की खपच्चियों और कागज़ से बनी लालटेन इस्तेमाल करते थे जिसके भीतर जलता हुआ दिया रखा जाता था. एक शाम एक अँधा व्यक्ति अपने एक मित्र से मिलने उसके घर गया. रात … Continue reading

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Filed under Buddhist Stories

What is Your Four Minute Mile? – आपका लक्ष्य क्या है?

कई दशकों तक सभी यह मानते रहे कि कोई भी व्यक्ति 4 मिनट में 1 मील नहीं दौड़ सकता. लोगों ने कहा, “ऐसा हो ही नहीं सकता”! वैज्ञानिक और चिकित्सकों ने मानव शरीर की सीमाओं और क्षमताओं का आकलन करके … Continue reading

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