जीवन का आनंद

beauty of simplicity

“इस साल मैंने अपने जीवन का पूरी तरह से आनंद लिया”, शिष्य ने गुरु से कहा.

“अच्छा?”, गुरु ने पूछा, “क्या-क्या किया तुमने?”

“सबसे पहले मैंने गोताखोरी सीखी”, शिष्य ने कहा, “फिर मैं दुर्गम पर्वतों पर विजय पाने के लिए निकला. मैंने रेगिस्तान में भी दिन बिताये. मैंने पैराग्लाइडिंग की, और आप यकीन नहीं करेंगे, मैंने…”

गुरु ने हाथ हिलाकर शिष्य को टोकते हुए कहा, “ठीक है, ठीक है, लेकिन यह सब करने के दौरान तुम्हें जीवन का आनंद उठाने का समय कब मिला?”

Thanx to John Weeren for this story

Comments

  1. says

    गुरु और शिष्य में यही फ़र्क है ,
    बिना कुछ कहे जैसे सब कुछ कहती हुई चंद पंक्ति ,

    • PRAJJWAL GAVANDER says

      SORRY but you don’t understand what this story tells. This story contains a hard meaning which cannot be easily understood….

  2. PRAJJWAL GAVANDER says

    yeh sab toh upari khushi ke sadhan hai asli jeevan ka anand toh adhyatmik aur mansik(mental) shanti se milta hai !

  3. says

    jivan ka asli anand kisi ki help krne pr jab samne wala thanks bolte huye ye kahta ke bhai shahb agr aap na hote to na jane kya ho jata. jb hm ye word sunte to hme ahsas hota h k hmara janam lena sarthak h tab milta h asli anand wo to shisya (student) ko mili hi nhi tha

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