सुकरात महान दार्शनिक तो थे ही, उनका जीवन संतों की तरह परम सादगीपूर्ण था. उनके पास कोई संपत्ति नहीं थी, यहाँ तक कि वे पैरों में जूते भी नहीं पहनते थे. फ़िर भी वे रोज़ बाज़ार से गुज़रते समय दुकानों में रखी वस्तुएं देखा करते थे.
उनके एक मित्र ने उनसे इसका कारण पूछा.
सुकरात ने कहा – “जब मैं बाज़ार में घूमता हूं तो मुझे यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि दुनिया में कितनी सारी वस्तुएं हैं जिनके बिना मैं इतना खुश हूँ.”











वो जिनके घर मल्टीनैशनल कंपनी के गोदाम बन गए है वो अगर इस पढ़ कर कुछ समझे तो कुछ बात भी बने!
वैसे संसारी लोग इसे पढ़े तो सुकरात जी को यही कहते ..तुम्हारी औकात नहीं चले है सैमसंग का स्मार्टफ़ोन लेने
मतलब औकात नहीं तो क्या जरूरत थी बाज़ार में टहलने की
-Arvind K.Pandey
http://indowaves.wordpress.com/
यह बाजारों में भरा हुआ सामान इसी तरह से प्रसन्नता दे सकता है।
kabi kabi kuch battein sahi bhi hoti hai sir.
कभी कुछ इसी तरह महसूस हुआ था मुझे, बीसेक साल पहले सिंहस्थ में भटकते हुए लगा था कि धर्म-सम्प्रदायों की इस जैसी माया और कहां.
better and again better
वाह!क्या बात है।
No words to say about socret…
दुनिया में कितनी सारी वस्तुएं हैं जिनके बिना मैं इतना खुश हूँ
thanks for the post
दुबारे पढवा रहे हैं या रवि रतलामी जी के यहाँ पढा याद आ रहा है ?
दोबोरा पढ़वा रहा हूं, दो साल बाद.
ज़रूरत पड़ने पर रवि जी का मसाला भी साभार उठाया जाएगा.
बाज़ार की चीजों या संसार की बस्तुओ से खुशी नही मिला करती खुशी तो मन की सोच में होती हें
Be saro- saman hi behtar kat rahi hai jindagi,
ghar bana to roj ghar lutne ka darr ho jayega….
निशांतजी आपका ब्लॉग पढ़कर मुझे हमेशा यही लगता है की मुझे ये देर से मिला. मैंने कितना वक़्त बर्बाद कर दिया व्यर्थ की (so called ) समस्याओं के समाधान में, जो मैं कर भी नहीं पाई, बल्कि अपनी ज़िन्दगी को (और मेरे अपनों की ज़िन्दगी को भी) और मुश्किल बना कर रखा. खैर वक़्त को तो हम लौटा नहीं सकते लेकिन आपके द्वारा संकलित सीख को अब भी अगर अपनी ज़िन्दगी में उतर पायें तो जीवन कुछ हद तक सार्थक कर पाएंगे. शुक्रिया आपका.
na kuch khone ka bhay, na lootne ka dar, jingi kitani befiker yehi to sachchi khusi hai.
बाहर की चीज़ों की निर्भरता और आकर्षण जितना कम होगा व्यक्ति उतना ही अपनी आंतरिक खुशी से जुड़ा रहेगा. सुकरात महान दार्शनिक हैं. अच्छी पोस्ट के लिए आभार.
GOOD! I LIKE THIS.THANKS FOR YOUR POST
BEAUTIFUL THOUGHT………