पत्थर सींचना

एक गर्म दोपहरी के दिन एक किसान बांसों के झुरमुट में बनी हुई ज़ेन गुरु की कुटिया के पास रुका. उसने गुरु को एक वृक्ष ने नीचे बैठे देखा.

“खेती की हालत बहुत बुरी है. मुझे डर है कि इस साल गुज़ारा नहीं होगा”, किसान ने चिंतित स्वर में कहा.

“तुम्हें चाहिए कि तुम पत्थरों को पानी दो”, ज़ेन गुरु ने कहा.

किसान ने ज़ेन गुरु से इस बात का अर्थ पूछा और गुरु ने उसे यह कहानी सुनाई: ‘एक किसान किसी ज़ेन गुरु की कुटिया के पास से गुज़रा और उसने देखा कि गुरु एक बाल्टी में पानी ले जा रहे थे. किसान ने उनसे पूछा कि वे पानी कहाँ ले जा रहे हैं. गुरु ने किसान को बताया कि वे पत्थरों को पानी देते हैं ताकि एक दिन उनपर वृक्ष उगें. किसान को इस बात पर बहुत आश्चर्य हुआ और वह आदर प्रदर्शित करते हुए झटपट वहां से मुस्कुराते हुए चला गया. ज़ेन गुरु प्रतिदिन पत्थरों को पानी देते रहे और कुछ दिनों में पत्थरों पर काई उग आई. काई में बीज आ गिरे और अंकुरित हो गए.

“क्या यह कहानी सच है?”, किसान ने आशामिश्रित कौतूहल से कहा.

ज़ेन गुरु ने उस वृक्ष की ओर इशारा किया जिसके नीचे वह बैठे थे. किसान भी वहीं बैठ उस कहानी पर मनन करने लगा.

Thanx to John Weeren for this story

11 Comments

Filed under Zen Stories

11 Responses to पत्थर सींचना

  1. ज्ञान का दुर्लभ पौधा ऐसे भी उगता है. सुदंर और प्रेरक कथा.

  2. अच्छी! बहुत अच्छी पोस्ट!

  3. लगन का निष्कर्ष लोग चमत्कार समझते हैं।

  4. “रसरी आवत जात है – सिल पर परत निसान |”

    आभार निशांत जी :)

  5. हमारा टाइम फ्रेम मिनट/घण्टे/दिन या साल का होता है। जेन गुरू का युगों का होता है! :-)

  6. 17 baras phle kinnour disst. me posting thi jis asthan ko chuna us ghar ke samne thori jameen khet me badli un kheto ke beech ek badi si chattan thi jis se vhan kuchh achha sa nhi lgta tha . us chttan ko charon orse bade pathron se gher kar mitti bhar beech me PHOOLON ke beej dale kuchh samy bad vahan najara dekhne layk tha. LAGAN or KARNE ka……..

  7. devendra singh bhadoria

    ye sach he koi v kam lagatar kiya jay to sach ho jata he

  8. मेहनत और विश्वास से किये गये कार्य से सफ़लता देर से ही सही. पर मिलती है ये पक्का है ……प्रेरक कथा..

  9. ajay

    prerna le sakte hai

  10. उत्तम एवं प्रेरक कथा..

टिप्पणी देने के लिए समुचित विकल्प चुनें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Connecting to %s