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सत्य की एक झलक

सत्य की एक किरण ही पर्याप्त है. ग्रंथों का भार जो नहीं कर पाता है, सत्य की एक झलक वह कर दिखाती है. अंधेरे में रौशनी के लिए प्रकाश का वर्णन करने वाले बड़े-बड़े शास्त्र किसी काम के नहीं, मिट्टी का एक दिया जलाना आना ही पर्याप्त है.

Emerson

रॉल्फ वाल्डो इमर्सन के व्याख्यानों में एक बूढ़ी धोबिन निरंतर देखी जाती थी. लोगों को हैरानी हुई : एक अनपढ़ गरीब औरत इमर्सन की गंभीर वार्ताओं को क्या समझती होगी! किसी ने आखिर उससे पूछ ही लिया कि उसकी समझ में क्या आता है? उस बूढ़ी धोबिन ने जो उत्तर दिया, वह अद्भुत था. उसने कहा, ”मैं जो नहीं समझती, उसे तो क्या बताऊं. लेकिन, एक बात मैं खूब समझ गई हूं और पता नहीं कि दूसरे उसे समझे हैं या नहीं. मैं तो अनपढ़ हूं और मेरे लिए एक ही बात काफी है. उस बात ने मेरा सारा जीवन बदल दिया है. और वह बात क्या है? वह यह है कि मैं भी प्रभु से दूर नहीं हूं, एक दरिद्र अज्ञानी स्त्री से भी प्रभु दूर नहीं है. प्रभु निकट है- निकट ही नहीं, स्वयं में है. यह छोटा सा सत्य मेरी दृष्टि में आ गया है और अब मैं नहीं समझती कि इससे भी बड़ा कोई और सत्य हो सकता है!”

जीवन बहुत तथ्य जानने से नहीं, किंतु सत्य की एक छोटी -सी अनुभूति से ही परिवर्तित हो जाता है. और, जो बहुत जानने में लग रहते हैं, वे अक्सर सत्य की उस छोटी-सी चिंगारी से वंचित ही रह जाते हैं जो परिवर्तन लाती है और जिससे जीवन में बोध के नये आयाम उद्घाटित होते हैं.

ओशो के पत्रों के संकलन ‘पथ के प्रदीप’ से. प्रस्तुति – ओशो शैलेन्द्र.

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12 Comments Post a comment
  1. खूबसूरत कथा. संतों-महात्माओं की संगति में पहले व्यक्ति अपने पुस्तकीय ज्ञान को भुलाता है तब प्रेम के मार्ग पर आगे बढ़ता है. इसे अनपढ़ बनाना भी कहते हैं. सुदंर प्रसंग.

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    November 15, 2011
  2. प्रभु के करीब होने का सच जान लेना ही सबसे बड़ा ज्ञान है !

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    November 15, 2011
  3. Delightful writing as always my friend.
    Caine

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    November 15, 2011
  4. एक सरल सत्य का संधान कर लेना ही पर्याप्त है जीवन में।

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    November 15, 2011
  5. this was so very encouraging a read early morning!thanks!

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    November 15, 2011
  6. इतनी छोटी सी बात फ़िर भी लोग समझ नहीं पाते हैं ।

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    November 15, 2011
  7. pothi padh padh jag muwa pandit bhaya na koy,
    GOOD SIR,VERY GOOD.

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    November 15, 2011
  8. Dhanwant Singh #

    satya to satya h ABSOLUTELY TRUTH kewal samjh ka fer H .

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    November 15, 2011
  9. aapki ye post un logo ke muh pe tamacha hai jo sochate hai ki
    padai keval mahangi school me hi hoti hai .
    kabhi kabhi hum jinko nasamjh mante hai wahi hume sahi rasta dikha de te hain .

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    November 15, 2011
  10. जो बहुत जानने में लग रहते हैं, वे अक्सर सत्य की उस छोटी-सी चिंगारी से वंचित ही रह जाते हैं जो परिवर्तन लाती है और जिससे जीवन में बोध के नये आयाम उद्घाटित होते हैं……बहुत सुन्दर….एक छोटी सी कथा बहुत सारी बात कह गई…..

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    November 16, 2011
  11. riya #

    kaya god hota ha ? agar ha to wo time par sath kayo nahi data. agar a insan galat rasta par chal pada or usa apne galte ka ahasas ho jaya or wo vipes aana chaha to uska leya sara rasta kayo band ho jata ha? god usa rasta kayo nahi data

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    April 19, 2012

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