कुरीति

एक व्यक्ति अपने दो पुत्रों को चिड़ियाघर ले गया. टिकट खिड़की पर प्रवेश टिकटों का मूल्य इस प्रकार लिखा था:

- छः वर्ष से छोटे बच्चों को निःशुल्क प्रवेश. छः वर्ष से बारह वर्ष तक के बच्चों के लिए पांच रुपये. अन्य, दस रुपये.

व्यक्ति ने टिकट बेचनेवाले को रुपये देते हुए कहा, “छोटा लड़का सात साल, बड़ा लड़का तेरह साल, और एक टिकट मेरा.”

टिकट बेचनेवाले ने कहा, “आप अजीब आदमी हैं! आप कम से कम दस रुपये बचा सकते थे. छोटे को छः साल का बताते और बड़े को बारह साल का. मुझे एक-एक साल का अंतर थोड़े ही पता चलता!”

“आपको तो पता नहीं चलता लेकिन बच्चों को तो उनकी उम्र पता है… और मैं नहीं चाहता कि वे इस बुरी बात से सीख लें और यह एक कुरीति बन जाए”.

16 Comments

Filed under Stories

16 Responses to कुरीति

  1. प्रवीण पाण्डेय

    बहुधा बच्चे ट्रेन में अपनी सही उम्र बता ही देते हैं।

  2. बच्‍चे, टिकट बेचने वाले की बात से प्रेरणा ले सकते हैं.

  3. प्रेरक कथा। ये बच्चे ही धरा का भविष्य बनायेंगे (या बिगाडेंगे)।

  4. naveen arora

    bahut badhia….
    there is saying “honesty is the best policy”
    good work nishant ji…
    keep it up

  5. bhot khub…Aap good thought’s dete ho humko..Thank’s..Well story…short bt knowledgefull?…

  6. सुन्दर दृष्टांत!!
    पिता जानता है आदर्शों की स्थापना किस तरह होती है।

  7. BHAGAT SINGH PANTHI

    मेरी बच्ची ६ साल की है लेकिन लगती ४ साल की है, और मेरा बच्चा ४ साल का है लगता २ साल का है. मैंने अपने बच्चो को उम्र और डेट ऑफ़ birth नहीं बताया है. बैसे भी बच्चे हमेशा सत्य ही बोलते हैं.

  8. ओह, मैं सात साल का था। ठेले वाले से मूंगफली ले रहा था। दो मूंगफली नीचे गिर गई थीं। मैने उठा कर जेब में डाल लीं। ठेले वाला देख रहा था, बोला – बेटा तुम चार मूंगफली और ले लो। पर यह आदत न सीखो।
    अब तक नहीं भूला मैं!

  9. सीखने वालों के लिए अच्छा है … अब भी सीख लो !!!

  10. ओह…काश कि हर पिता ऐसा ही होता…

  11. lalit

    सुन्दर दृष्टांत!!
    काश कि हर पिता ऐसा ही होता…

  12. I hope you don’t mind that I am commenting in english. This story is so short but has so much value. Honesty is indeed the best policy. I loved this post.

  13. pandey deep

    सुन्दर प्रेरक कथा।

  14. simple but what a way of truth.[starting best ending best.]

टिप्पणी देने के लिए समुचित विकल्प चुनें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Connecting to %s