ब्लॉगरों के लिए एक चैकलिस्ट

blogइस ब्लॉग पर काम करते हुए दो साल से ज्यादा होने जा रहे हैं. इस अवसर पर मैंने सोचा कि पोस्ट लिखकर ‘पब्लिश’ का बटन दबाने से पहले मैं जो तयारी करता हूँ उसके बारे में अपने पाठकों को बताऊँ. मुझे यकीन है कि इससे सभी नए और अधिकांश ब्लौगरों को लाभ होगा.

यह पोस्ट एक चैकलिस्ट की तरह है. इसमें निम्नलिखित सूत्रों का समावेश किया गया है:

1. रोचक और उपयोगी पोस्ट लिखें. कुछ ऐसा लिखें जो पाठकों को प्रभावित करे. यह सबसे ज़रूरी बात है जिसका ध्यान सभी को रखना चाहिए.

2. कुछ ऐसा लिखने का प्रयास करें जैसा अब तक किसी ने भी नहीं लिखा हो. यह मुश्किल है पर इतना भी नहीं.

3. कम लिखें या ज्यादा, जल्दी-जल्दी लिखें या बड़े अंतराल के बाद, उसके लिए पाठकों से माफी नहीं मांगें. उन्हें यह नहीं बताएं कि किसी कारणवश आप अगले दो महीने तक नहीं लिख पायेंगे. कभी दो-तीन महीने तक नहीं लिख पायें तो अगली पोस्ट में क्षमायाचना नहीं करें.

4. अपनी पोस्ट में रोचक इमेज लगाएं. मैं अपनी पोस्टों में कॉपीराईट मुक्त शानदार चित्र लगता हूँ जो मुझे यहाँ से मिलते हैं.

5. अपने शीर्षक की ओर ध्यान दें. शीर्षक आकर्षक हो और उसमें पोस्ट की ध्वनि आती हो.

6. शीर्षक के बाद सबसे पहले पैराग्राफ को ही पढ़ा जाता है. अच्छा पैराग्राफ पोस्ट की भूमिका या प्रस्तावना होता है.

7. पोस्ट अच्छी हो या औसत, वर्तनी की गलतियाँ हर जगह खटकती हैं.  वर्तनी की गलतियों को दूर करने के लिए पोस्ट को पब्लिश करने से पहले एक बार पढ़ लेने में आखिर कितना समय लगता है?

8. वर्तनी की गलतियों की तरह व्याकरण और वाक्य-विन्यास की जांच भी कर लेनी चाहिए.

9. पैराग्राफों में अनेक रंगों के प्रयोग से पोस्ट बचकानी लगने लगती है.

10. पोस्ट में दोहराव और भटकाव नहीं होना चाहिए. कभी-कभी पोस्ट को वाकई निर्मम काट-छांट की ज़रुरत होती है.

11. पोस्ट में जहाँ कहीं ज़रूरी हो वहां किसी शब्द-विशेष या वाक्य को हाईलाईट कर देना चाहिए. यदि पूरी पोस्ट ही आपको खासमखास लग रही हो तो ऐसा न करना ही बेहतर होगा.

12. ज्यादातर लोग काली पृष्ठभूमि पर लिखे ब्लॉग पढना पसंद नहीं करते, इसी तरह लम्बे-लम्बे पैराग्राफ के बीच में खाली जगह नहीं छोड़ना भी अखरता है.

13. यदि आपने उसी विषय पर पहले भी लिखा हो तो उसका लिंक पोस्ट के अंत में दें.

14. यदि किसी और ब्लॉग में उस विषय पर लिखा गया हो तो उसका लिंक देना भी अच्छा रहता है. इससे आपके पाठक को अन्य ब्लॉग पढ़ने को मिलते हैं और अंतर्लिन्किंग करने के अन्य तकनीकी लाभ भी हैं.

15. पोस्ट को सही कैटेगरी में शामिल करें. यह पोस्ट इस ब्लॉग में ब्लॉगिंग कैटेगरी में शामिल है. इस कैटेगरी में आपको इससे सम्बंधित पुरानी पोस्टें पढ़ने को मिलेंगी. इसी प्रकार लेबल या टैग भी ध्यान से चुन लेने चाहिए.

16. यदि आपने किसी अन्य ब्लौगर की पोस्ट को आधार बनाया है या उससे प्रेरणा ली है तो उसका उल्लेख अवश्य करें और संभव हो तो उसकी पोस्ट का लिंक दें.

17. यदि आप कोई तथ्यगत जानकारी दे रहे हों तो उसे भलीभांति जांच लें. इंटरनेट पर भ्रमण करके सुधी पाठक आपके तथ्यों को पल भर में ही झुठला सकते हैं.

18. क्या आपने पोस्ट में पाठकों से कुछ प्रश्न पूछे हैं? क्या आपने उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित किया है?

19. आपने पोस्ट में जो भी लिंक दी हों उन्हें भली-भांति जांच लें. कई बार किसी मामूली गलती की वज़ह से लिंक बेकार हो जाती है.

20. कहीं कुछ छूट तो नहीं गया? छूट गया हो तो अपनी टिपण्णी में उसकी जानकारी दें.

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Comments

  1. प्रवीण पाण्डेय says

    आपकी सलाह शब्दशः पालन की जायेगी।

  2. G Vishwanath says

    उपयोगी पोस्ट।
    धन्यवाद।
    हम तो ब्लॉग्गर नहीं हैं पर जब शुरू करेंगे, इन बातों का ध्यान रखेंगे।

    कुछ और जोडना चाहूँगा:

    १)font size का खयाल रखें।
    कई अच्छे ब्लॉग्गरों के लेख हम केवल इसलिए नहीं पढते कि कम फ़ॉण्ट साइज़ के कारण आँखों पर जोर पडता है।

    २)लेख की लम्बाई पर भी ध्यान दें। हम जैसे ब्लॉग पाठक अनेक ब्लॉगों का मजा लेते हैं।
    लम्बे लेख पढना स्थगित करते हैं और कभी व्यस्तता के कारण उस ब्लॉग पर लौटने का अवसर नहीं मिलता। मेरा विचार है कि औसत लम्बाई एक screen full या ज्यादा से ज्यादा दो screen full होनी चाहिए। यदि विषय ऐसा है कि ज्यादा लिखना जरूरी है तो ब्लोग को किस्तों में लिखें। यदि ब्लॉग पोस्ट में चित्र शामिल हैं तो इस सीमा को बढा सकते हैं। एक औसत ब्लॉग पाठक का attention span तीन मिनट से लेकर पाँच मिनट तक होता है। अनेक ब्लॉगों को हम बीच में ही पढना छोड देते हैं जब या तो हमें ब्लॉग नीरस लगता है या ब्लॉग की लम्बाई कुछ ज्यादा है।

    २)कभी किसी अन्य ब्लॉग्गर या पाठक पर व्यक्तिगत टिप्पणी न करें। उनके विचार से असहमति शिष्ट भाषा में व्यक्त करें।

    ३)The best blogs are those that deal with ideas, and issues or a piece of creative writing. The next best blogs deal with events/incidents/politics/gossip. The worst are blogs that are written on other people or bloggers (great personalities and their lives of course are an exception)

  3. says

    oh hello sir
    if posts are prepared in this order all would get first division . but try and figure out what brings people to bloging !!!!!!!!!!
    PUN intended Nishant so read in between the lines

  4. rafatalam says

    निशांत जी बहुत अच्छी सलाह रचना संवारने में अप द्वारा बनाईचेकलिस्ट सभी के लिए उपयोगी है .धन्यवाद

  5. says

    बधाई. ब्‍लॉगर सम्‍मेलन आयोजन के लिए विचारणीय, जिनमें एक-दूसरे से प्रत्‍यक्ष तो होते हैं, लेकिन आचार संहिता के नाम पर जो होता है, जितना प्रतिवेदन पोस्‍टों से पता लगता है, उनकी तुलना आपके इस पोस्‍ट से की जाए तो कुछ कहने की जरूरत नहीं रह जाती.

  6. says

    निशांत भाई,

    बेहद उपयोगी पोस्ट , धन्यवाद आपका

    “15. पोस्ट को सही कैटेगरी में शामिल करें. यह पोस्ट इस ब्लॉग में ब्लॉगिंग कैटेगरी में शामिल है. इस कैटेगरी में आपको इससे सम्बंधित पुरानी पोस्टें पढ़ने को मिलेंगी. इसी प्रकार लेबल या टैग भी ध्यान से चुन लेने चाहिए”

    हाँ … मुझे भी 15 th पॉइंट को फोलो करना चाहिए …..अब तक नहीं करता था

  7. says

    आपने जितनी बिन्दुओं का उल्लेख किया है ,उनमे से क्रम संख्यां 13 और 14 को छोड़ अन्य सभी बातें मैं अप्लाई करती हूँ और मुझे भी यही सही लगता है…

  8. says

    सत्य है …सार्वजनिक मंचों पर कूड़ा कचडा नहीं बिखेरना चाहिए…

    कुछ क्रिएटिव ,कुछ सकारात्मक ही इसपर रखना चाहिए…

  9. says

    धन्यवाद निशांत भाई
    यह पोस्ट बड़े ही सिलसिलेवार ढंग से लिखा है आपने | यद्यपि मे भी लगातार कोशिश करता हूँ की अपने पोस्ट को इसी क्रम मे लिखूं , पर थोड़ी भूल चुक हो ही जाती है | रोचक तथ्य के लिए पुनः आभार
    राजीव

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