जॉर्ज कार्लिन की बातें

~ हर दोषदर्शी आदमी के भीतर एक हताश आदर्शवादी छुपा रहता है.

~ कुछ लोग कुछ देखते हैं और पूछते हैं – “ऐसा क्यों होता है?”. कुछ लोग  सपने में कुछ देखकर पूछ बैठते हैं – “ऐसा क्यों नहीं होता?”. और कुछ लोग रोजाना काम पर निकलते हैं और उनके पास इन बातों के लिए समय नहीं होता.

~ भाषा सच को छुपाने का बेहतरीन औज़ार है.

~ हम सभी हमसे धीमे गाड़ी चलानेवाले को मूर्ख और हमसे तेज़ गाड़ी चलानेवाले को पागल कहते हैं.

~ नास्तिकता एक नौन-प्रोफेट (non-prophet) और्गेनाइज़ेशन है.

~ शांति के लिए लड़ना – यह वैसा ही तो नहीं जैसे कौमार्य के लिए सहवास करना!?

~ जब तुम ब्रेक पैडल दबाते हो तो तुम्हारी ज़िंदगी तुम्हारे पैरों के हाथों में होती है.

~ मैं खुद से ही बातें इसलिए करता हूँ क्योंकि मुझे खुद के ही उत्तर स्वीकार होते हैं.

~ यदि यह सच है कि इस ब्रह्माण्ड में हम अकेले हैं तो मैं कहूँगा कि ब्रह्माण्ड ने बहुत टुच्ची चीज़ से ही संतोष कर लिया.

~ दसियों साल तक थोड़ी-थोड़ी लार रोज़ गटकते रहने से हमारी मौत हो जाती है.

~ मैं बुकस्टोर गया और वहां मैंने सेल्सवूमन से पूछा कि सैल्फ-हेल्प बुक्स कहाँ रखी हैं? उसने कहा कि यदि मैं दुकान में उन्हें खोज ही नहीं सकता तो उन्हें पढ़कर क्या उखाड़ लूँगा!

~ मैं समझ नहीं पाता था कि बूढ़े होते जा रहे लोग बाइबिल क्यों पढ़ते रहते हैं. फिर एक दिन मैं अचानक ही समझ गया कि वे तो अपने फाइनल एक्जाम की तैयारी कर रहे हैं.

~ मैं कंक्रीट या पत्थर में से फूटते हुए अंकुर को देखकर बहुत खुश हो जाता हूँ! यही तो असल बहादुरी का काम है!

~ अगली बार जब कोई तुम्हें अपने वोट देने के अधिकार का उपयोग नहीं करने के लिए लैक्चर पिलाए तो यह याद कर लेना कि हिटलर शानदार वोटों से सत्ता में आया था.

~ यदि तुम्हें यह लगता है कि इस समस्या का कोई हल संभव है तो तुम यकीनन इस समस्या की एक वज़ह हो.

~ किलोमीटर्स मील से थोड़े छोटे होते हैं. अगली बार पेट्रोल बचाने के लिए अपनी यात्रा किलोमीटर्स में करना.

~ अपनी हिफाज़त के लिए घर में हथियार रखनेवाले लोग वही हैं जो सीट बेल्ट नहीं पहनते.

~ ज़िंदगी के साथ सबसे दुखद चीज़ है इसके ख़त्म होने का तरीका. मुझे लगता है कि ज़िंदगी मुश्किल है. इसके ख़त्म होते-होते बहुत वक़्त गुज़र जाता है. और इस सबसे मिलता क्या है? – मौत! क्या ये ज़िंदगी जीने का बोनस है? मैं चाहता हूँ कि जीवन चक्र उल्टा चले. सबसे पहले मौत आये और रास्ते से हमेशा के लिए हट जाय. फिर कुछ साल बुढापे के गुजरें. कुछ साल काम-धंधे में लगें. तीस-चालीस साल बाद जवानी के दौरान सेवानिवृत्ति का समय हो. फिर लड़कपन आये, नशा, लडकियां, पार्टी… फिर हाई स्कूल की तैयारी. फिर मिडिल स्कूल, प्राइमरी स्कूल… नन्हा बचपन आये जब कोई जिम्मेदारी न हो. फिर घुटने चलने का समय और उसके बाद माँ के गर्भ में वापसी. वहां नौ महीने शांति से तैरते हुए बिताने के बाद एक अतीव आनंददायक क्षणिक अहसास के साथ ये शून्यता में मिल जाए.

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9 Comments

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9 Responses to जॉर्ज कार्लिन की बातें

  1. प्रवीण पाण्डेय

    एक एक वाक्य दमदार।

  2. G Vishwanath

    आखरी वाली सबसे अच्छी लगी।

  3. नीति

    बहुत खूब! काफी अलग नज़रिया रखने वाला व्यक्तित्व लगता है! कई बातों पर कभी ध्यान नहीं गया पर पढ़ कर बहुत अम्यूज़िंग लगीं !

  4. Cyril Gupta

    A very honest translation.

    Did I tell you how awesome George Carlin is?

    Well, he’s very awesome!

  5. खूबसूरत ! आभार !

  6. rafat alam

    निशांत साब ,आज जॉर्ज कार्लिन साब की ऐसी सुंदर बातें पढ़ी हैं की कोई इक टिप्पणी नहीं बन सकती आज का तो सारा पोस्ट ही बस नक़ल करने के काबिल है .बडा चिंतन भीतर तक उतर कर जीवन और जीवन जिए जाने के तरीके पर सोचने के लिए मजबूर करता है .लास्ट का पूरा पर मुझे पूरी एक किताब समान लगा .जितना जी चाहे सोच सकते हैं.

  7. अंतिम कोटेशन जॉर्ज कॉर्लिन का नही है वुडी ऐल्लन [woody allen] का है यदि आपको जॉर्ज पसंद आए हैं तो वुडी एल्लन के कोटेशन्स पढना भी शायद पसंद आए.

  8. ganesh

    great. these powerful words changed my view towards life.

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