मोरक्को के एक छोटे से गाँव का एक इमाम हर वक़्त वहां के एकमात्र कुँए की देखभाल करता रहता था. एक आदमी ने उससे इसका कारण पूछा:
“आखिर इस कुँए में ऐसा क्या है?”
“इस कुँए में अल्लाह छुपा है.”
“आप क्या कह रहे हैं? कुँए में अल्लाह छुपा हुआ है? ऐसा कहना भी हराम है! शायद आपने कुँए में काफिरों द्वारा छोड़ी गयी कोई मूरत देख ली है.”
इमाम ने उसे कुँए के पास जाकर उसमें झाँकने के लिए कहा. उस आदमी को कुँए में अपना ही अक्स दिखाई दिया.
“लेकिन यह तो मैं ही हूँ!”
“सही कहा. अब तुम जान गए अल्लाह कहाँ छुपा है.”
(A Sufi story about presence of Allah in mankind – in Hindi)

सुंदर!
अति सुन्दर
बहुत सटीक कथा..
अहा, बहुत सुन्दर ।
sahi he…
मुझको कहाँ ढूढे बंदे मैं तो तेरे पास..
eye opener !
बहुत सुन्दर ।
बात बिलकुल सच है , मैंने एक संत महात्मा जी से कहानी सुनी थी . जब हम गंगाजी स्नान करने जाते हैं तब सबसे पहले हमारे चरण जाते हैं अर्थात विष्णुजी समां जाते हैं क्युओंकी विष्णुजी के चरणों में गंगाजी होती हैं . फिर उसके बाद हम आगे बढ़ते हैं अंजुली में पानी लेते हैं तब हममे ब्रह्माजी समां जाते हैं क्युओंकी अंजुली कमंडल का रूप लेती है गंगाजी ब्रह्मा जी के कमंडल में होती हैं फिर हम डुबकी लेकर सर ऊपर उठाते हैं तब हमारे बालों से गंगाजी निकलती हैं तब उस समय हममें शिव जी समां जाते हैं . कहने का तात्पर्य यह है की हममे ही तीनो इश्वर हैं . हम गुटका , सिगरते , पान से पूजा करते हैं और मंदिर में जाकर पूजा करते हैं .
bilkul wahiyaat uar bhramak taswir hai yah …
ALLAH kii kisi se tulna athwa samanta nahin ho sakti !!!!
saleem 9838659380
beshak allah ki tulana kisi aur se nahi ho sakati, kyonki ki allah ki shyad koi moorat nahi hoti, lekin aap yadi apne ander jhaank kar dekhe aur yadi aapka man allah ki tarah pak aur pavitra ho, to samagh ligiye allah yahi he kyoki allah pak aur pavitra he aur usaki kisi se tulana nahi ki jaa sakati, jis din aisha lage bus aap shhant ho jaiye kyonki ki deepak yadi jalata he to use kisi aur ko kahanr ki jaroorat nahee ki vo jal raha he ya to uski roshani se pata chal hi jara he
क्या बात है ! बहुत सुन्दर ।
आपके ब्लाग की कई कहानियां पढ़ीं. अच्छा लगा यहाँ आकर .
badhiya sandesh
ye chhoti chhoti bate, bahut kucch sikhati he.