अच्छे विचार : बुरे विचार

atropa belladonna“मुझे कोई मार्ग नहीं सूझ रहा है. मैं हर समय उन चीज़ों के बारे में सोचता रहता हूँ जिनका निषेध किया गया है. मेरे मन में उन वस्तुओं को प्राप्त करने की इच्छा होती रहती है जो वर्जित हैं. मैं उन कार्यों को करने की योजनायें बनाते रहता हूँ जिन्हें करना मेरे हित में नहीं होगा. मैं क्या करूं?” – शिष्य ने गुरु से उद्विग्नतापूर्वक पूछा.

गुरु ने शिष्य को पास ही गमले में लगे एक पौधे को देखने के लिए कहा और पूछा कि वह क्या है. शिष्य के पास उत्तर नहीं था.

“यह बैलाडोना का विषैला पौधा है. यदि तुम इसकी पत्तियों को खा लो तो तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी. लेकिन इसे देखने मात्र से यह तुम्हारा कुछ अहित नहीं कर सकता. उसी प्रकार, अधोगति को ले जाने वाले विचार तुम्हें तब तक हानि नहीं पहुंचा सकते जब तक तुम उनमें वास्तविक रूप से प्रवृत्त न हो जाओ”.

There are 67 comments

  1. ER. NISHANT KUMAR

    hum kisi se kitna pyar kerte hai ye baat etne ehemiyat nhe rkhte balki koe huse kitna pyar kerta hai ye jyada jarure hai

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  2. Anand Maurya

    Only Man is an animal who Can Do Any Thing if he want to do it….
    Kisi Bhi Insan Ke Vichar hi Use Bura ya A6a Banate Hai…….
    So Think Positive and Be Happy….

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  3. Anand Prakash Kushwaha

    Aapke kiye achchhe kaam aur sahi faisale bhavishya me utni bar yaad dilaye jate jitna ki aapke kiye bure kaam aur faisle, so apne discision aur kaam soch samajh kar kare.

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  4. deepak

    Bahot hi gahrai h aapke vicharon me aor mujhe bhot hi acha laga aapse attached hoke lekin mujhe ek baat aap se share karni h Kaise aor kis time plz mujhe batayen bhot hi ahem baat h mere liye

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