प्रार्थना : Prayers

prayer.jpgविवाह कर लेने के उपरांत एक प्रोटेस्टेंट पादरी को शांति से प्रार्थना करने के लिए अवसर नहीं मिल पा रहा था. एक शाम जब वह प्रार्थना करने के लिए बैठा तो पास ही के कमरे में खेल रहे बच्चों के शोर ने उसे परेशान कर दिया.

“भगवान के लिए बच्चों को चुप कराओ”! – उसने पत्नी से चिल्लाकर कहा.

सहमी हुई पत्नी ने बच्चों को डरा-धमकाकर चुप करा दिया.

उस दिन के बाद से जब भी पादरी घर आता, सारे बच्चे सहमे से कहीं दुबक जाते. कुछ दिनों में पादरी को यह लगने लगा कि परमेश्वर उसकी प्रार्थनाओं को नहीं सुन रहा है. एक रात उसने प्रार्थना में परमेश्वर से पूछा – “यह क्या हो रहा है प्रभु? मुझे प्रार्थना करने के लिए करने के लिए शांति तो उपलब्ध है पर मेरे मन में अशांति व्याप्त है!”

एक फरिश्ते ने उससे कहा – “वह तुम्हारे शब्द सुनता है पर उसे हंसने-खिलखिलाने की आवाजें सुनाई नहीं देतीं. उसे तुम्हारी भक्ति दिखती है पर घर में आनंद नहीं दिखता”

यह सुनकर पादरी खड़ा हो गया और चिल्लाकर पत्नी से बोला – “बच्चों को हंसने-खेलने दो! वह भी प्रार्थना का ही रूप है!”

इस बार उसकी प्रार्थना परमेश्वर तक पहुंच गई.

(~_~)

A Protestant priest, having started a family, no longer had any peace for his prayers. One night, when he knelt down, he was disturbed by the children in the living room.

“Have the children keep quiet!” he shouted.

His startled wife obeyed. Thereafter, whenever the priest came home, they all maintained silence during prayers. But he realized that God was no longer listening.

One night, during his prayers, he asked the Lord: “What is going on? I have the necessary peace, and I cannot pray!”

An angel replied: “He hears words, but no longer hears the laughter. He notices the devotion, but can no longer see the joy.”

The priest stood and shouted once again to his wife: “Have the children play! They are part of prayer!”

And his words were heard by God once again.

There are 10 comments

  1. Swapna Manjusha 'ada'

    ye priest, ye pandit, maulvi inki prarthna se pahle hamari prarthna pahunchti hai ishwaar ke paas …itni museebaton aur jimmewaariyon ko poora karne ke baad agar ham 2 minut bhi bhagwaan ko yaad karte hain to wo 2 minut inki prarthna se jyad keemti hote honge ..bhagwaan ke liye bhi…
    bahut sundar pravishthi..!

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    1. Nishant

      मुझे याद है आपकी वह पोस्ट जिसमें आपने एक पादरी महाशय की बोलती बंद की थी. बढ़िया वाकया था वह.

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