ईश्वर-भक्त संवाद

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एक परमभक्त को ईश्वर ने दर्शन दिए. भक्त ने ईश्वर से पूछा – “प्रभु, क्या मैं आपसे एक प्रश्न पूछ सकता हूँ?

ईश्वर ने कहा – “अवश्य. जो चाहे पूछो.”

भक्त ने कहा – “प्रभु, आप तो इस सृष्टि में अनादि-अनंत काल से हैं. ऐसे में ‘एक हज़ार साल’ आपके लिए कितना समय होगा?

ईश्वर ने उत्तर दिया – “पुत्र, एक हज़ार साल मेरे लिए पांच मिनट के बराबर हैं.”

भक्त ने पुनः पूछा – “यह तो अद्भुत है! तो फिर आपके लिए दस लाख रूपये कितने रुपयों के बराबर हैं?

ईश्वर ने कहा – “मेरे लिए दस लाख रूपये पांच पैसों के बराबर हैं”

यह सुनकर भक्त ने अतिउत्साह से पूछा – “अच्छा! तो प्रभु क्या आप मुझे पांच पैसे दे सकते हैं?”

ईश्वर ने भक्त की ओर मुस्कुराकर देखा और कहा – “क्यों नहीं पुत्र? तुम सिर्फ पांच मिनट के लिए प्रतीक्षा करो और मैं तुम्हें दे दूंगा.”

(Dialogues between a devotee and God – in Hindi)

10 Comments

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10 Responses to ईश्वर-भक्त संवाद

  1. बहुत उम्दा लेखन है भाई

  2. जैसे को तैसा…होशियारी करने निकले थे ईश्वर से. :)

  3. रोचक कथा । आभार ।

    अवश होकर भक्त के भक्ति-पाश में बँधने वाला ईश्वर क्या समझता नहीं कुछ !
    हर जगह आ जाती है रुपयों की बात !

  4. आधुनिक भक्तों के साथ ईश्वर को भी दुनियादार होना पड़ गया है ..!!

  5. उम्दा प्रसंग..कई विमायें होती हैं इस कथा के इशारे की…

  6. Ha ha ha ha…..Bahut badhiya…..jaise ko taisa…

  7. archana

    बहुत खूब ! ! !

  8. कैसे कैसे भक्त पाल रखे हैं भगवानजी ने!

  9. padam jain

    bahut purana joke hai…..

  10. PANKAJ CHAUHAN

    BE MATLAB KA TIME PASS HAI!

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