कंजूस का सोना

एक कंजूस आदमी ने अपने बगीचे में एक पेड़ के नीचे अपना सारा सोना गाड़कर रखा हुआ था। हर हफ्ते वह वहां जाता और सोने को खोदकर निहारता रहता था। एक दिन एक चोर सारा सोना चुराकर भाग गया। कंजूस आदमी वहां आया और उसने सोना गायब पाया। वहां सिर्फ़ एक गड्ढा ही रह गया था।

कंजूस आदमी दहाडें मारकर रोने लगा। यह सुनकर उसके पड़ोसी भागे चले आए। जब उनको सारी बात का पता चला तो उनमें से एक ने कहा – “उस सोने का तुम क्या करते?”

“कुछ नहीं” – कंजूस ने कहा – “मैं तो उसे सिर्फ़ हर हफ्ते देखने आता था।”

पड़ोसी ने कहा – “ऐसा है तो तुम हर हफ्ते यह गड्ढा देख जाया करो!”

2 Comments

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2 Responses to कंजूस का सोना

  1. संगीता पुरी

    कुछ लोग साधन को साध्‍य बनानेवाले होते हैं…..वैसे व्‍यक्तियों के लिए पडोसियों ने सही कहा।

  2. Science Bloggers Association of India

    प्रेरक कहानी, शुक्रिया।

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